'इजराइल की कार्रवाइयों पर प्रधानमंत्री की ‘पत्थर जैसी चुप्पी’ अस्वीकार्य है', जयराम रमेश ने मोदी को जमकर घेरा

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि इजरायल की हालिया सैन्य कार्रवाइयों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रुख भारत की सभ्यतागत विरासत और मूल्यों के साथ विश्वासघात है तथा यह पूरी तरह अस्वीकार्य है।

फोटोः सोशल मीडिया
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कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर विदेश नीति को लेकर निशाना साधा है। पार्टी ने दावा किया कि पीएम मोदी इजरायल के प्रति ‘अंधभक्ति’ रखते हैं। कांग्रेस महाचिव जयराम रमेश ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की नीतियों पर ‘पत्थर जैसी चुप्पी’ साधने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि इजरायल की हालिया सैन्य कार्रवाइयों पर प्रधानमंत्री का रुख भारत की सभ्यतागत विरासत और मूल्यों के साथ विश्वासघात है तथा यह पूरी तरह अस्वीकार्य है।

पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का यह कहना गलत है कि भारत में इजरायल को व्यापक समर्थन प्राप्त है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी इजरायल के प्रति ‘अंधभक्ति’ रखते हैं, लेकिन देश के करोड़ों लोग गाजा, वेस्ट बैंक, ईरान और लेबनान में इजरायल की सैन्य कार्रवाइयों की निंदा करते हैं।

रमेश ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में अमेरिका के उप राष्ट्रपति जेडी वेंस के उस बयान का हवाला दिया जिसमें उन्होंने कहा है कि अमेरिका के अलावा इजरायल का अब कोई शक्तिशाली सहयोगी नहीं बचा है।

रमेश ने कहा कि वेंस के जवाब में इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति गलत हैं और इजरायल को भारत में जबरदस्त समर्थन प्राप्त है। कांग्रेस नेता ने कहा कि नेतन्याहू का यह दावा गलत है।

उन्होंने आरोप लगाया कि इजरायल ‘मोदानी साम्राज्य’ में गहराई तक समाया हुआ है और प्रधानमंत्री मोदी उसके प्रति अंधभक्ति रखते हैं, लेकिन करोड़ों भारतीय गाजा में इजरायल द्वारा किए जा रहे ‘नरसंहार’, वेस्ट बैंक में फलस्तीनियों को बेदखल किए जाने, ईरान पर हवाई हमलों तथा दक्षिणी लेबनान में सैन्य अभियान की निंदा करते हैं।

रमेश ने कहा कि ये सभी मानवता पर सीधा हमला हैं और भारत के लोग इनका समर्थन नहीं करते। उन्होंने दावा किया कि इजरायल की इन कार्रवाइयों पर प्रधानमंत्री मोदी की "पत्थर जैसी चुप्पी" भारत की सभ्यतागत विरासत और मूल्यों के साथ विश्वासघात है तथा यह पूरी तरह अस्वीकार्य है।

कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू से "तमगा मिलना" कोई सम्मान की बात नहीं है, विशेषकर तब, जब नेतन्याहू अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ चुके हैं और प्रधानमंत्री मोदी के "व्हाइट हाउस वाले अच्छे मित्र" तक उनके प्रति निराशा और गुस्सा रखते हैं।

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