खान सर विवाद के बीच नया मोड़, नेपाल में ज्ञान बिंदु एकेडमी के प्रिंस यादव की संदिग्ध मौत से सनसनी

ज्ञान बिंदु एकेडमी के प्रिंस यादव का शव नेपाल के विराटनगर स्थित एक होटल से बरामद होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

फोटो: सोशल मीडिया
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ज्ञान बिंदु एकेडमी के डायरेक्टर रौशन आनंद के भाई और संस्थान के प्रशासनिक कार्यों को संभालने वाले प्रिंस यादव की नेपाल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। उनका शव नेपाल के विराटनगर स्थित एक होटल से बरामद हुआ है। घटना के बाद नेपाल पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। प्रारंभिक तौर पर मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है।

खान सर विवाद के बाद नेपाल गए थे प्रिंस यादव

जानकारी के मुताबिक, हाल ही में फैजल खान उर्फ खान सर की कोचिंग 'खान ग्लोबल स्टडीज' के साथ हुए विवाद के बाद रौशन आनंद और प्रिंस यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने रौशन आनंद को गिरफ्तार कर लिया था।

बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी की आशंका के बीच प्रिंस यादव नेपाल चले गए थे। इसी दौरान उनका शव विराटनगर के एक होटल में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। इस घटनाक्रम ने पूरे मामले को और अधिक रहस्यमय बना दिया है।


नेपाल पुलिस जांच में जुटी, पांच लोग हिरासत में

घटना की सूचना मिलने के बाद नेपाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अधिकारियों के अनुसार, मौत के कारणों का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।

होटल में हुई इस संदिग्ध मौत के बाद नेपाल पुलिस ने पांच लोगों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि प्रिंस यादव की मौत किन परिस्थितियों में हुई और घटना के पीछे कोई अन्य कारण तो नहीं है।

सहरसा के पैतृक गांव में पसरा मातम

रौशन आनंद मूल रूप से बिहार के सहरसा जिले के रहने वाले हैं। शिक्षा क्षेत्र में सक्रिय ज्ञान बिंदु एकेडमी का संचालन उनके द्वारा किया जाता है, जबकि प्रिंस यादव संस्थान के दैनिक कामकाज और प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालते थे।

प्रिंस यादव की मौत की खबर सामने आने के बाद सहरसा स्थित उनके पैतृक गांव धमसैना में शोक की लहर दौड़ गई। गांव में मातम का माहौल है और उनके घर पर लोगों की भारी भीड़ जुट रही है। फिलहाल सभी की नजरें पोस्टमार्टम रिपोर्ट और नेपाल पुलिस की जांच पर टिकी हैं, जिनसे मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।