सोनभद्र नरसंहार: पीड़ितों से मिलने के बाद प्रियंका बोलीं, ‘घटना बड़ी, प्रशासन पीड़ितों को कर रहा है परेशान’

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी सोनभद्र के उम्भा गांव पहुंची और पीड़ित परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि घटना बहुत बड़ी है, लेकिन इसके बाद भी प्रशासन द्वारा पीड़ितों को परेशान किया जा रहा है।

फोटो: congress twitter
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नवजीवन डेस्क

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी मंगलवार को उभ्भा गांव पहुंची, जहां प्रियंका गांधी सोनभद्र नरसंहार में मारे गए लोगों के परिजनों से जमीन पर बैठकर बात की। उन्होंने नरसंहार पीड़ितों के परिजनों से मुलाकात की और कहा कि घटना बहुत बड़ी है, लेकिन इसके बाद भी प्रशासन द्वारा पीड़ितों को परेशान किया जा रहा है। प्रियंका गांधी ने यहां एक-एक कर मृतकों के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी। इसके साथ ही घटना के चश्मदीद रामराज और रामधनी से पूरे घटनाक्रम को जाना। प्रियंका गांधी ने कहा कि घटना बहुत बड़ी है और प्रशासन पीड़ितों को परेशान कर रहा है। कांग्रेस इसे उच्च सदन में उठाएगी उन्होंने पीड़तों के परिजनों से कहा कि वह हमेशा उनके साथ हैं।

प्रियंका गांधी ने कहा, “करीब 80-90 निर्दोष लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए हैं। महिलाओं पर भी गुंडा एक्ट लगाया गया है। सरकार अगर मामले में कोई कार्रवाई करना चाहती है तो, जिन पर फर्जी मुकदमे लगाए गए हैं, पहले उन्हें वापस लिया जाए। क्योंकि ये लोग पहले से ही प्रताड़ित हैं। इन पर अत्याचार हुआ है।”

इस दौरान पीड़ित परिवारों ने कहा, “हमारे बच्चों को नौकरी मिले, हमारे ऊपर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं। घटना के लिए जिम्मेदार भूर्तिया परिवार को फांसी दी जाए।” परिवारों ने कहा, “नरसंहार के बाद इस घटना में कुछ बेकसूर लोगों को पुलिस ने पकड़ा है, जबकि दोषी बाहर घूम रहे हैं। निर्दोष लोगों को छोड़ा जाए।” बता दें कि पिछले महीने उभ्भा गांव में जमीन के लिए 10 गोंड आदिवासियों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

इससे पहले मंगलवार को वाराणसी हवाईअड्डे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और फिर सड़क मार्ग से सोनभद्र जिले के उम्भा गांव के लिए रवाना हो गई। जैसे वहीं उनकी गाड़ी मिर्जापुर के नारायणपुर में पहुंची तो लोगों को देखकर उन्होंने अपनी गाड़ी रुकवा दी। इस दौरान वहां खड़ी महिलाओं ने प्रियंका का स्वागत किया। प्रियंका गांधी भीड़ के बीच जा पहुंची, जहां लोगों ने उन्हें माला पहनाई। इस दौरान एसपीजी सुरक्षा में लगे जवान लोगों को दूर करते रहे लेकिन प्रियंका ने सबसे हाथ मिलाया और मुस्कुराते हुए अभिवादन कर वापस अपनी कार में सवार होकर सोनभद्र के लिए रवाना हो गईं।

इस दौरान प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया, “चुनार के किले पर मुझसे मिलने आए उभ्भा गांव के पीड़ित परिवारों के सदस्यों से मैंने वादा किया था कि मैं उनके गांव आऊंगी। आज मैं उभ्भा गांव के बहनों-भाइयों और बच्चों से मिलने, उनका हालचाल सुनने-देखने, उनका संघर्ष साझा करने सोनभद्र जा रही हूं।”

इससे पहले प्रियंका गांधी से बाबतपुर एयरपोर्ट पर मीडिया ने कई बार बात करने का प्रयास किया, लेकिन वह बचती रहीं। हवाईअड्डा पहुंचने के बाद एयरपोर्ट के वीआईपी गेट के बाहर निकलने के बाद कतारबद्घ खड़े कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं से उन्होंने मुलाकात की। उसके बाद प्रियंका सड़क मार्ग से सोनभद्र के लिए प्रस्थान कर गई।

उनके साथ पूर्वाचल के कई जिलों के कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी चल रहे हैं। प्रियंका सोनभद्र के उभ्भा में नरसंहार के पीड़ितों के साथ रहेंगी। इसके लिए उभ्भा के प्राथमिक विद्यालय में व्यवस्था की गई है। प्रियंका के वाराणसी-शक्तिनगर राज्यमार्ग से रॉबर्ट्सगंज से होते हुए उभ्भा जाने को लेकर पुलिस अलर्ट है। जिला प्रशासन हर हरकत पर नजर बनाए हुए है। उधर उभ्भा गांव में पूर्वांचल के कांग्रेसी नेता बड़ी संख्या में जुटने लगे हैं।

गौरतलब है कि 17 जुलाई को भूमि पर कब्जा करने को लेकर उभ्भा गांव में नरसंहार हुआ था। उसमें दस लोगों की जान चली गई थी और 28 लोग घायल हो गए थे। घटना के दो दिन बाद ही 19 जुलाई को प्रियंका वाड्रा पीड़ितों से मिलने के लिए आ रही थीं। रास्ते में ही उन्हें नारायणपुर में रोक दिया गया। इस दौरान वह वहीं धरने पर बैठ गईं। इसके बाद उन्हें नारायणपुर से चुनार स्थित अतिथि गृह ले जाया गया। जहां उन्होंने रात गुजारी। वहीं पहुंची उभ्भा गांव की महिलाओं से मिलकर प्रियंका वापस चली गई थीं।

(आईएएनएस के इनपुट के साथ)

Published: 13 Aug 2019, 2:42 PM
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