हाथरस केस में फैसले पर प्रियंका गांधी बोलीं- क्या सरकार ने संवेदनशीलता दिखाई, उसके प्रतिनिधि पीड़ित परिवार के साथ खड़े थे?

उत्तर प्रदेश के हाथरस गैंगरेप केस में एससी-एसटी कोर्ट ने गुरुवार को अपना फैसला सुनाया था। कोर्ट ने चार में से तीन आरोपियों को बरी कर दिया था। जबकि एक आरोपी को दोषी करार दिया।

फोटो: सोशल मीडिया
फोटो: सोशल मीडिया
user

नवजीवन डेस्क

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने हाथरस गैंगरेप केस में तीन आरोपियों के बरी होने पर बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “हाथरस का पीड़ित परिवार कह रहा है कि उन्हें न्याय नहीं मिला। 8 मार्च को विश्व महिला दिवस पर बीजेपी सरकार महिला सशक्तिकरण की खोखली बातें करेगी। लेकिन, क्या हाथरस केस में सरकार ने संवेदनशीलता दिखाई? क्या सरकार के प्रतिनिधि पहले दिन से हाथरस की पीड़िता और उसके परिवार के साथ खड़े थे?”

कोर्ट ने 4 में से 3 आरोपियों को किया बरी

उत्तर प्रदेश के हाथरस गैंगरेप केस में एससी-एसटी कोर्ट ने गुरुवार को अपना फैसला सुनाया था। कोर्ट ने चार में से तीन आरोपियों को बरी कर दिया था। जबकि एक आरोपी को दोषी करार दिया। हाथरस गैंगरेप केस में 4 आरोपी संदीप, रामू, लवकुश, रवि थे। संदीप को छोड़कर बाकी आरोपियों को कोर्ट ने बरी कर दिया।

हाथरस जाकर पीड़ित परिवार से मिले थे राहुल-प्रियंका गांधी

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी 3 अक्टूबर 2020 को हाथरस पहुंचे थे। दोनों नेताओं ने गैंगरेप पीड़िता के परिवार से मुलाकात की थी। राहुल और प्रियंका गांधी ने बंद कमरे में पीड़िता के परिवार से मुलाकात की थी। प्रियंका गांधी ने पीड़िता की मां को गले लगाकर सांत्वना दी थी। करीब एक घंटे तक पीड़िता के परिवार से बातचीत की थी।   

परिवार से मुलाकात के बाद प्रियंका गांधी ने कहा था कि हम अन्याय के खिलाफ लड़ेंगे। उन्होंने कहा था कि परिवार आखिरी बार अपनी बच्ची का चेहरा नहीं देख पाया। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। कांग्रेस महासचिव ने कहा कि जब तक न्याय नहीं मिलता, तब तक हम लड़ेंगे। परिवार न्यायिक जांच चाहता है।


14 सितंबर 2020 को दलित लड़की से हुआ था गैंगरेप

उत्तर प्रदेश के हाथरस में 14 सितंबर 2020 को दलित लड़की के साथ गैंगरेप हुआ था। लड़की की हालत बिगड़ने के बाद उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 29 सितंबर को लड़की की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। पीड़िता ने इलाज के दौरान अपने बयान में चार युवकों संदीप, रामू, लवकुश और रवि पर गैंगरेप का आरोप लगाया था। इसके आधार पर पुलिस ने चारों युवकों को गिरफ्तार कर लिया था।

हाथरस केस में पुलिस पर लगे थे गंभीर आरोप

हाथरस केस में यूपी पुलिस की लापरवाही भी नजर आई थी। पुलिस पर आरोप लगे थे कि परिवार को बिना बताए लड़की का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इतना ही नहीं यूपी पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर दावा किया था कि पीड़िता के साथ गैंगरेप नहीं हुआ। यूपी पुलिस के इस बयान के बाद कोर्ट ने यूपी पुलिस को फटकार भी लगाई थी।

इस मुद्दे पर देशभर में बवाल मचा था। हांगामे के बाद राज्य की योगी सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश की थी, जिसके बाद सीबीआई ने जांच संभाली और कई बार पीड़िता के परिवार से पूछताछ की थी। इतना ही नहीं सीबीआई ने अलीगढ़ जेल में बंद चारों आरोपियों से पूछताछ की थी। आरोपियों का पॉलीग्राफी टेस्ट और ब्रेन मैपिंग भी किया गया था।

Google न्यूज़नवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia


Published: 03 Mar 2023, 3:15 PM
;