प्रवासी मजदूरों के बे‘बस’ होने पर प्रियंका बोलीं, ये भारत की रीढ़ हैं, इनके प्रति बनती है सबकी जिम्मेदारी 

प्रवासी मजदूरों के लिए बसें चलाने को लेकर प्रियंका गांधी ने एक बार फिर यूपी की योगी सरकार पर हमला बोला। उन्‍होंने कहा कि बीजेपी चाहे तो बसों पर अपने झंडे लगा ले, लेकिन सीएम योगी प्रवासी मजदूरों के लिए बसों को चलाने की अनुमति दे।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

प्रवासी मजदूरों के लिए बसों को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने फिर से यूपी की योगी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि राजनीति से ऊपर उठकर बसों को चलने दिया जाए। उन्होंने कहा कि हमारी बसें चार बजे तक खड़ी हैं, योगी सरकार इसका इस्तेमाल कर सकती हैं। इस दौरान प्रियंका गांधी ने योगी सरकार पर कई गंभीर आरोप भी लगाए।

उन्होंने कहा, “काफी समय से प्रवासी भाई-बहन मुश्किल परिस्थितियों में, कड़ी धूप में, बगैर खाए पैदल अपने गांव की ओर चल रहे हैं। ये लोग देशभर से आ रहे हैं। कई बहनें गर्भवती होने के बावजूद पैदल चल रही हैं। कई लोग बच्चों को गोद में लेकर जा रहे हैं। ऐसे समय में हम सबको अपनी जिम्मेदारी समझनी पड़ेगी। ये भारत के वो लोग हैं, जो इस देश की रीढ़ हैं। जिनके खून-पसीने से ये देश चलता है। इनके प्रति हम सबकी जिम्मेदारी है।” उन्होंने आगे कहा कि इन हालातों को देखते हुए हमनें बसों को चलाने का प्रस्ताव दिया।

उन्होंने आगे कहा, “इन सभी घटनाक्रमों के बाद उनकी की तरफ से एक नई राजनीति शुरू की गई। कल हमने 900 बसें राजस्थान, यूपी और गाजियाबाद बॉर्डर पर उपलब्ध कराईं। अगर यह बसें चली होतीं तो आज हजारों प्रवासी मजदूर अपने घर पहुंच गए होते। कल 4 बजे से हमारी बसें बॉर्डर पर खड़ी रहीं, आज भी बसें खड़ी हैं। आज 4 बजे तक 24 घंटा हो जाएगा इन बसों को खड़े हुए। अगर वह चाहते हैं कि इन बसों पर बीजेपी के झंडे लगे तो वह लगा सकते हैं। हमें इससे को गुरेज नहीं है।”

प्रवासी मजदूरों के बे‘बस’ होने पर प्रियंका बोलीं, ये भारत की रीढ़ हैं, इनके प्रति बनती है सबकी जिम्मेदारी 

उन्होंने कहा, “जितना समय हमने पिछले 24 घंटे में राजनीतिक उलझनों में गंवाया, उतने में हम 92 हजार लोंगों को घर भेज सकते थे। प्रवासी मजदूरों पर राजनीति ठीक नहीं है। मैं यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ जी से कहना चाहती हूं कि हमारी 500 बसें चार बजे तक खड़ी हैं। हो सके तो उन्हें मंजूरी दें।”

प्रियंका गांधी ने सीएम योगी पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब कांग्रेस ने प्रवासी मजदूरों को पहुंचाने के लिए बसों की व्यवस्था की तब अगले दिन सीएम योगी ने ऐलान किया कि यूपी रोडवेज की 12000 बसें हैं, आपकी बसों की जरूरत नहीं है। हमने 17 मई को गाजियाबाद में खड़ी 500 बसों को वापस भेज दिया। अगले दिन पत्र के जरिए उन्होंने हमसे बस, ड्राइवर, कंडक्टर की सूची मांगी

हमने उनको बसों को गाजियाबाद-नोएडा में तैयार रखने का सुझाव दिया और परमिट देने की बात कही। फिर इसके बाद वे सारा राजनीतिक सिलसिला शुरू हुआ। लिस्ट में गलत नम्बर की बात कही गई।

उन्होंने आगे कहा, “हमने उनके पत्र के 4-5 घण्टों के भीतर ही बसों की लिस्ट उपलब्ध करवा दी। रात को साढ़े 11 बजे ने पत्र के जरिए उन्होंने सुबह 10 बजे तक 1000 बसों को लखनऊ पहुंचाने के लिए कहा गया। लेकिन दिल्ली में खड़ी हमारी बसों का मकसद दिल्ली एनसीआर, नोएडा, गाजियाबाद से पैदल जा रहे मजदूरों को घर पहुंचाना था। ऐसे में दिल्ली से लखनऊ तक इन बसों का खाली चलना मकसद को खत्म करने जैसा था। हमने उनको बसों को गाजियाबाद-नोएडा में तैयार रखने का सुझाव दिया और परमिट देने की बात कही। फिर इसके बाद वे सारा राजनीतिक सिलसिला शुरू हुआ। लिस्ट में गलत नम्बर की बात कही गई। हम उनको नई लिस्ट देने तक को तैयार थे। लेकिन मैं इस राजनीति में पड़ने के बजाय ये कहूंगी कि 17 मई को हमने 500 बसें गाजियाबाद बॉर्डर पर खड़ी की थी। अगर उन बसों को अनुमति मिलती तो लगभग 20,000 लोग घर पहुंच चुके होते।”

प्रवासी मजदूरों के बे‘बस’ होने पर प्रियंका बोलीं, ये भारत की रीढ़ हैं, इनके प्रति बनती है सबकी जिम्मेदारी 

प्रियंका गांधी ने कहा, “यह राजनीति करने का समय नहीं है। यह समय प्रवासी मजदूरों की मदद करने का समय है। यूपी कांग्रेस ने मदद की भावना वॉलंटियर्स तैयार किए, जो अलग-अलग हिस्सों में लोगों की मदद कर रहे हैं। हमने अब तक 67 लाख लोगों की मदद की हैं। इनमें से 60 लाख लोग यूपी में और 7 लाख बाहर फंसे हुए थे। हम सेंट्रल हेल्पलाइन के जरिए भी लगातार सामंजस्य स्थापित कर रहे हैं। हमने हर जिले में हेल्पलाइन नम्बर जारी किए। इसके अलावा हमने "सांझी रसोइयां" खोली, हाइवे टास्क फोर्स बनाए।”

Published: 20 May 2020, 4:46 PM
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