पंजाब: बठिंडा में किसानों का प्रदर्शन हुआ हिंसक, सुरक्षाकर्मियों ने आंसू गैस के गोले दागे, जानें उनकी मांगें

किसानों ने दावा किया कि वे बठिंडा जिला प्रशासनिक परिसर के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।

फोटो: सोशल मी़डिया
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नवजीवन डेस्क

पंजाब के बठिंडा में, पिछले साल गिरफ्तार किये गए दो किसानों की रिहाई की मांग को लेकर बुधवार को किये जा रहे प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों पर कथित पथराव के बाद पुलिस ने किसानों के प्रदर्शनकारी समूह को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शन कर रहे कई किसानों को हिरासत में लिया गया है।

उन्होंने बताया कि भारतीय किसान संघ (एकता उगराहां) के बैनर तले किसान जियोंद गांव में एकत्र हुए और बठिंडा जिला प्रशासनिक परिसर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों को बठिंडा जिला प्रशासनिक परिसर की ओर बढ़ने से रोकने के लिए बठिंडा और आसपास के जिलों में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।


बठिंडा की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ज्योति यादव बैंस ने बताया कि ‘‘भीड़’’ छतों से पुलिस पर पथराव कर रही थी। उन्होंने कहा, ‘‘आक्रमक भीड़ को नियंत्रित कर लिया गया और स्थिति काबू में है।’’

प्रदर्शन में शामिल एक किसान ने हालांकि दावा किया कि पुलिसकर्मियों ने बिना किसी उकसावे के आंसू गैस के गोले दागे। उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है।उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने विरोध प्रदर्शन के आह्वान के मद्देनजर किसान नेताओं के आवासों पर छापेमारी की और उन्हें हिरासत में ले लिया।

भाकियू (एकता उगराहां) ने पिछले साल एक विरोध प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किये गए और अप्रैल से बठिंडा जेल में बंद किसान शगनदीप सिंह जियोंद और बलदेव सिंह चौके की रिहाई की मांग को लेकर बुधवार को विरोध प्रदर्शन करने का आह्वान किया था।

वहीं, बठिंडा में आयोजित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे किसानों को पटियाला के समाना में समाना-भवानीगढ़ मार्ग पर गजेवास गांव के पास पुलिस ने रोक दिया। किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने मिट्टी से लदे ट्रक सड़क पर खड़े कर दिए।


समाना में एक गुरुद्वारे के पास प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोके जाने के बाद कुछ किसानों की पुलिसकर्मियों के साथ झड़प हो गई।

किसानों ने दावा किया कि वे बठिंडा जिला प्रशासनिक परिसर के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।

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