पंजाब सरकार ने सिंघु बॉर्डर हत्याकांड की जांच के लिए बनाई SIT, मृतक की बहन ने लगाए हैं गहरी साजिश के आरोप

तरनतारन जिले के चीमा कलां में रहने वाली कसेल निवासी राज कौर ने आरोप लगाया था कि उसके भाई लखबीर सिंह को कुछ लोगों ने बहकाया और सिंघु बॉर्डर ले गए, जहां 15 अक्टूबर को गुरुग्रंथ साहिब की कथित बेअदबी के आरोपों में कुछ निहंग सिखों ने उसकी हत्या कर दी।

फोटोः सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

पंजाब के उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर रंधावा के निर्देश पर पुलिस महानिदेशक इकबाल प्रीत सिंह सहोता ने बुधवार को सिंघु बॉर्डर हत्याकांड की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। एसआईटी का गठन दिल्ली-हरियाणा के बीच सिंघु बॉर्डर पर जारी किसान आंदोलन के पास कथित तौर पर निहंगों द्वारा मार दिए गए लखबीर सिंह की बहन के आरोपों की जांच के लिए किया गया है।

लखबीर सिंह की निहंग सिखों ने सिंघु बॉर्डर पर हत्या की थी। एसआईटी का गठन एडीजीपी और ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन के डायरेक्टर वरिंदर कुमार की अध्यक्षता में किया गया है। डीआईजी फिरोजपुर रेंज इंदरबीर सिंह और तरनतारन जिले के एसएसपी हरविंदर सिंह विर्क इसके सदस्य बनाए गए हैं।


जानकारी के अनुसार, इस समय तरनतारन जिले के चीमा कलां में रहने वाली कसेल निवासी राज कौर ने आरोप लगाया था कि उसके भाई लखबीर सिंह को कुछ लोगों ने बहकाया और सिंघु बॉर्डर ले गए, जहां 15 अक्टूबर को गुरुग्रंथ साहिब की कथित बेअदबी के आरोपों में कुछ निहंग सिखों ने उसकी हत्या कर दी।

मृतक लखबीर सिंह की बहन के आरोपों पर कार्रवाई करते हुए एसआईटी गठन के आदेश में पंजाब सरकार ने कहा है कि वरिंदर कुमार जरूरत के हिसाब से राज्य में तैनात किसी भी अन्य पुलिस अधिकारी को जांच के लिए सहयोजित कर सकते हैं। एसआईटी को आरोपों की त्वरित जांच का आदेश दिया गया है।

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