पंजाब: कोरोना कर्फ्यू में न हो किसी को दिक्कत, मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह किया व्यापक इंतजाम का ऐलान

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंद ने कहा कि वे ऐसे हालात में लोगों की समस्याओं को समझते हैं। उन्होंने कहा कि सभी जिलाधिकारियों को पहले से पहचाने गए फेरीवालों के माध्यम से किराने का सामान, दूध, फल और सब्जियां जैसी आवश्यक वस्तुएं घर-घर पहुंचाने के इंतजाम करने को कहा गया है।

फोटो: सोशल मीडिया
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बिपिन भारद्वाज

कोरोना प्रभावित देशों से लौटे सभी लोगों का पता लगाने और उनका परीक्षण करने के लिए शुरू किए गए एक ऑपरेशन में, पंजाब सरकार 94000 से अधिक एनआरआई और विदेश से लौटे पंजाबियों का पता लगाया है। ये लोग खतरनाक कोरोना वायरस का संकट शुरु होने के बाद वापस आए हैं।

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि इनमें से ज्यादातर लोगों का पता लगाया जा चुका है और लगभग 30,000 को आइसोलेशन में रखा गया है। बाकी लोगों का पता लगाने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी नए प्रवासी के पंजाब आने पर गहरी नजर रखी जा रही है।

इसके अलावा कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिए लगाए गए कर्फ्यू का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ धारा 188 आईपीसी के तहत मुकदमा चलाने के साथ सख्त कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन 48,000 लोगों पर गहरी नजर रखी जा रही है जिन्हें घरों में ही क्वेरंटाइन किया गया है, ताकि ये लोग किसी भी परिस्थिति में घर से बाहर न निकलें। उन्होंने बताया कि सभी सरपंचों और लंबरदारों को हिदायत है कि इसका उल्लंघन करने के मामले का जानकारी तुरंत इलाका मजिस्ट्रेट, डीएसपी और एसएचओ को दें, साथ ही 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को बुलाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे ऐसे हालात में लोगों की समस्याओं को समझते हैं। उन्होंने कहा कि सभी जिलाधिकारियों को पहले से पहचाने गए फेरीवालों के माध्यम से किराने का सामान, दूध, फल और सब्जियां जैसी आवश्यक वस्तुएं घर-घर पहुंचाने के इंतजाम करने को कहा गया है। इसके अलावा एसडीएम या सेक्टर (इलाका) मजिस्ट्रेट द्वारा हर सुबह घरों में दूध, ब्रेड, बिस्कुट, अंडे पहुंचाने के लिए गाड़ी विक्रेताओं को कर्फ्यू प्रबंधन प्रणाली के हिस्से के रूप में नामित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि कोविड-19 संकट से निपटने के लिए राज्य में पूर्ण कर्फ्यू लगाने के बाद, लोगों को होने वाली समस्याओं को कम करने के लिए उपायों की एक श्रृंखला, और पुलिस और नागरिक प्रशासन को स्थिति को अधिक प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने में सक्षम बनाया जा रहा है।

पंजाब में अभी तक लोगों का द्वारा अच्छी तरह कर्फ्यू का पालन किया जा रहा है। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि सरकार का मकसद लोगों की परेशानियां कम करना है। इस बीच सरकार के आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि नए कर्फ्यू प्रबंधन के दिशानिर्देशों के अनुसार, बिना कर्फ्यू पास किसी को भी कहीं आने-जाने की इजाजत नहीं है। सिर्फ आपातकाल के मामले में, मसलन किराने का सामान, दूध, फल और सब्जियां और दवाइयां आदि लाने के लिए लोगों को पैदल जाने की अनुमति है।

इसके अलावा सभी जिलाधिकारियों को होम डिलीवरी के लिए फोन नंबर आदि का प्रसार करने को कहा गया है साथ ही जहां आवश्यक हो, चिकित्सा सहायता आदि के लिए अस्थायी रूप से बाहर जाने की अनुमति देने का अधिकार दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने जिला मंडी अधिकारियों / मार्केट कमेटी के सचिवों को सब्जियों और किराने के सामानों की होम डिलीवरी की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लोग कर्फ्यू में ढील के दौरान बड़ी संख्या में दुकानों पर जमा न हों, क्योंकि इससे कानून और व्यवस्था की स्थिति खराब हो सकती है। उन्होंने सुझाव दिया कि कुछ बड़े मॉल और व्यवसाय भी डोर टू डोर डिलीवरी के काम में हाथ बंटा सकते हैं।

किराने की दुकानों, दूध विक्रेताओं, फलों और सब्जियों की दुकानों और केमिस्टों को खोलने के लिए खुली अनुमति के बजाय, उन्हें बारी-बारी से खोलने की अनुमति देने का निर्णय लिया गया है, इस तरीके से कि किसी भी समय कम से कम एक दुकान प्रत्येक इलाके में खुली होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी दुकानों को डोर-टू-डोर डिलीवरी देने की भी अनुमति दी जाएगी।

दुकानों पर भीड़ काबू करने के लिए हर दुकान पर 1 या दो पुलिस वालों की ड्यूटी लगाई जा रही है। कैप्टन अमरिंदर ने कहा कि राज्य में लोगों की वास्तविक जरूरतों को पूरा करने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने दोहराया कि कर्फ्यू लागू करना परिस्थितियों में एक आवश्यकता है और उन्होंने लोगों से अपने हित में, और राज्य और राष्ट्र के बड़े हित में सहयोग करने की अपील की।

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