आतंकी साजिश के आरोप में गिरफ्तार अमेरिकी नागरिक की जमानत पर सवाल, जयराम बोले- राष्ट्रीय सुरक्षा में PM मोदी विफल
जयराम रमेश ने दावा किया कि आठ सितंबर को वैन डाइक के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत लगाए गए आरोप हटा दिए गए और 24 सितंबर को उसे हिरासत से रिहा कर अमेरिका लौटने की अनुमति दे दी गई।

अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैन डाइक को जमानत मिलने को लेकर मोदी सरकार पर सवाल।
जयराम ने पूछा, ‘‘जाहिर तौर पर अमेरिकी दबाव ने इस नतीजे को तय किया, लेकिन बदले में भारत को क्या मिला?’’
उन्होंने पूछा, ‘‘इन संदिग्ध विदेशी नागरिकों को भारत का वीजा कैसे मिला?"
कांग्रेस ने आतंकी साजिश के आरोप में गिरफ्तार अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैन डाइक को जमानत मिलने को लेकर शुक्रवार को मोदी सरकार पर सवाल उठाए। पार्टी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश के चुनावों, संस्थाओं की रक्षा तथा राष्ट्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रहे हैं।
अमेरिकी नागरिक वैन डाइक को जमानत
दिल्ली की एक अदालत ने राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की ओर से जांच किए जा रहे आतंकी साजिश के एक मामले में गिरफ्तार अमेरिकी नागरिक वैन डाइक को जमानत दे दी है।
अदालत के सूत्रों के अनुसार, विशेष न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने वैन डाइक को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत पर राहत दी।
अमेरिकी नागरिक वैन डाइक की रिहाई पर सवाल
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने इसको लेकर ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘ पहले ही समझौता कर चुके हमारे प्रधानमंत्री ने फिर यही किया है।’’ उन्होंने दावा किया कि अमेरिका के नागरिक वैन डाइक को बुधवार रात रिहा कर अपने देश लौटने की अनुमति दे दी गई।
रमेश का कहना है कि 13 मार्च को एनआईए ने वैन डाइक समेत विदेशी नागरिकों के एक समूह को भारत के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
उन्होंने कहा कि 16 मार्च को एनआईए की अदालत में दी गई दलीलों में आरोप लगाया गया था कि आरोपी भारत विरोधी विद्रोही समूहों का समर्थन कर रहे थे और वैन डाइक ने कथित तौर पर आतंकवादी गतिविधियों में मदद करने की बात स्वीकार की थी।
कांग्रेस नेता के अनुसार, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की 23 से 26 मई तक भारत यात्रा के दौरान अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने यह मामला विदेश सचिव विक्रम मिस्री के समक्ष उठाया था।
रमेश ने दावा किया कि आठ सितंबर को वैन डाइक के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत लगाए गए आरोप हटा दिए गए और 24 सितंबर को उसे हिरासत से रिहा कर अमेरिका लौटने की अनुमति दे दी गई।
उन्होंने कहा, ‘‘यह उस स्थिति के बिल्कुल विपरीत है जिसमें सरकार भारतीय नागरिकों के खिलाफ यूएपीए का व्यापक दुरुपयोग करती है और ऐसे मामलों को जानबूझकर लंबा खींचा जाता है।’’
रमेश ने सवाल किया, ‘‘जाहिर तौर पर अमेरिकी दबाव ने इस नतीजे को तय किया, लेकिन बदले में भारत को क्या मिला?’’ उन्होंने यह भी पूछा, ‘‘इससे भी बुनियादी सवाल यह है कि इन संदिग्ध विदेशी नागरिकों को भारत का वीजा कैसे मिला और उन्हें भारत के रास्ते म्यांमा जाने की अनुमति कैसे दी गई?’’
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘गृह मंत्री को इसका जवाब देना चाहिए।’’ रमेश ने आरोप लगाया, ‘‘प्रधानमंत्री भारत के चुनावों, संस्थाओं और हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करने में विफल रहे हैं।’’
पीटीआई के इनपुट के साथ
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