आरटीआई एक्ट में बदलाव को लेकर राहुल गांधी का मोदी सरकार पर हमला, कहा, हर भारतीय को सच जानने का अधिकार

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी 

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि हर भारतीय को सच जानने का अधिकार है। बीजेपी लोगों से सच छुपाने में विश्वास रखती है और उनका भरोसा इस बात में है कि लोगों को उनसे सवाल नहीं करना चाहिए जो सत्ता में हैं। 

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आरटीआई विधेयक में प्रस्तावित संशोधन की आलोचना करते हुए मोदी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने ट्वीट कर आरटीआई एक्ट (सूचना के अधिकार कानून) को बचाए जाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आरटीआई में जिस तरह के बदलाव करने का प्रयास किया जा रहा है, उससे ये कानून बेकार हो जाएगा।

उन्होंने ट्वीट कर लिखा, “हर भारतीय को सच जानने का अधिकार है। बीजेपी लोगों से सच छुपाने में विश्वास रखती है और उनका भरोसा इस बात में है कि लोगों को उनसे सवाल नहीं करना चाहिए जो सत्ता में हैं। आरटीआई में जिस तरह के बदलावों की बात की जा रही है उससे ये कानून बेकार हो जाएगा। हर भारतीय को इन बदलावों का विरोध करना चाहिए।”

केंद्र सरकार ने बुधवार को कहा था कि वह सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम, 2005 में संशोधन करने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है और सरकार इसे राज्‍यसभा में पेश करेगी। सरकार ने आरटीआई अधिनियम के 3 सेक्‍शन में संशोधन का प्रस्‍ताव किया है, जो केंद्र और राज्‍यों के मुख्‍य सूचना आयुक्‍तों के साथ-साथ अन्य सूचना आयुक्‍तों के रैंक, सैलरी, अलाउंस और कार्यकाल से संबंधित है। प्रस्तावित संशोधन के अनुसार सीआईसी और सूचना आयुक्तों के लिए वेतन, भत्ते और सेवा शर्तें उसी तरह होंगी जैसा केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किया जाएगा। विपक्ष का कहना है कि वह केंद्र सरकार के आरटीआई अधिनियम को कमतर करने के किसी भी प्रयास का विरोध करेगी।

कई आरटीआई कार्यकर्ताओं ने भी संशोधन का विरोध किया है। उनका कहना है कि इस संशोधन का मकसद सूचना आयुक्तों के ओहदे को कम करना है।

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