राहुल गांधी का सरकार पर हमला, 'दिल्ली आज राजधानी नहीं, महिलाओं के लिए हर दिन की खौफनाक कहानी बनकर रह गई है'

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि दिल्ली में इतनी बड़ी दरिंदगी और पुलिस को कई दिनों तक भनक नहीं लगती। अमित शाह जी, दिल्ली पुलिस आपके अधीन है। महिला सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी है? या दिल्ली पुलिस का काम सिर्फ़ आम नागरिकों को डराना-धमकाना रह गया है?

फोटो: सोशल मीडिया
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राहुल गांधी का सीधा सवाल:

  • 'अमित शाह जी, महिला सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?

  • 'अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं और दिल्ली पुलिस को कई दिनों तक भनक नहीं लगती'

  • 'क्या दिल्ली पुलिस का काम सिर्फ आम नागरिकों को डराना-धमकाना रह गया है?'

  • 'दुर्भाग्य है कि दिल्ली आज राजधानी नहीं, महिलाओं के लिए खौफनाक कहानी बन गई है'

दिल्ली में एक बार फिर गैंगरेप ने राजधानी को दहला दिया है। नाबालिग के साथ दरिंदगी कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बीजेपी सरकार को घेरा। राहुल गांधी ने कहा कि दिल्ली में 17 साल की युवती के साथ गैंगरेप हुआ, उसकी हत्या कर शव खुले मैदान में फेंक दिया गया। राजधानी में इतनी बड़ी दरिंदगी और पुलिस को कई दिनों तक भनक नहीं लगती। दुर्भाग्य है कि दिल्ली आज राजधानी नहीं, महिलाओं के लिए हर दिन की खौफनाक कहानी बनकर रह गई है।

राहुल गांधी ने कहा कि अमित शाह जी, दिल्ली पुलिस आपके अधीन है। महिला सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी है? या दिल्ली पुलिस का काम सिर्फ़ आम नागरिकों को डराना-धमकाना रह गया है? क्योंकि अपराधी तो बेखौफ घूम रहे हैं। दरिंदों की तत्काल गिरफ्तारी हो, कड़ी कार्रवाई और सज़ा मिले, और इस आपराधिक गैर-जिम्मेदारी की जवाबदेही तय हो। महिलाओं की सुरक्षा के बिना भारत आगे नहीं बढ़ सकता।


इस घटना पर एडिशनल DCP लोकेश्वरन आर ने कहा कि 13 सितंबर की सुबह, हमें स्वरूप नगर पुलिस स्टेशन इलाके के एक खेत में बुरी तरह सड़ी-गली लाश मिलने की सूचना मिली। लाश इतनी खराब हालत में थी कि हम यह भी पता नहीं लगा पाए कि वह पुरुष की है या महिला की। लाश का एक हाथ भी गायब था। मामले की गंभीरता को देखते हुए, हमने पीड़ित की पहचान करने के लिए एक टीम बनाई। उस इलाके में कोई कैमरा नहीं था, इसलिए पहचान करना मुश्किल था। हमने पूरे इलाके की तलाशी ली और लगभग 50 CCTV कैमरों की जांच की। उनमें से हमें एक CCTV कैमरा मिला जो खेत को बहुत दूर से कवर कर रहा था।

उन्होंने आगे कहा कि हमने 13 सितंबर से पीछे की ओर फुटेज देखी और इलाके में एक संदिग्ध गाड़ी को आते हुए पाया। गाड़ी भी दूर से ही दिखाई दे रही थी और शुरू में हम उसकी पहचान नहीं कर पाए। फिर हमने CCTV फुटेज के ज़रिए गाड़ी को ट्रैक किया और पाया कि वह एक टेम्पो था जिस पर एक खास निशान बना हुआ था। इसके ज़रिए हम गाड़ी की पहचान तो कर पाए, लेकिन उस पर नंबर प्लेट नहीं थी..."


टेंपो ड्राइवर को गिरफ्त में लेकर जब उससे सख्ती से पूछताछ हुई तो पुलिस को 3 अन्य संदिग्धों का भी पता चल गया। इसके बाद सभी 4 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया है।पुलिस ने दो चाकू भी बरामद कर लिए हैं, जिनका उपयोग इस हत्याकांड में हुआ था। इसके अलावा पुलिस ने वे पकड़े भी बरामद कर लिए हैं, जो आरोपियों ने अपराध के वक्त पहने हुए थे।

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