राहुल गांधी ने सोनम वांगचुक को जबरन हटाने को बताया गलत, कहा- मोदी सरकार के मुख्य सिद्धांत असत्य और हिंसा

राहुल ने कहा कि पेपर लीक, पढ़ाई का बढ़ता खर्च और छात्रों की आत्महत्याएं भारत के भविष्य के लिए बहुत जरूरी मुद्दे हैं। कोई भी ताकत भारत के छात्रों, और हममें से जो लोग उनसे प्यार करते हैं और उन पर भरोसा करते हैं, उन्हें इन मुद्दों को उठाने से नहीं रोक सकती।

राहुल गांधी ने सोनम वांगचुक को जबरन हटाने को बताया गलत, कहा- मोदी सरकार के मुख्य सिद्धांत असत्य और हिंसा
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लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक को जबर्दस्ती हटाने और पुलिस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इस कार्रवाई को देश के लोकतंत्र और संविधान के ऊपर एक और काला धब्बा करार देते हुए कहा कि मोदी सरकार के मूल सिद्धांत ‘‘असत्य और हिंसा’’ हैं।

मोदी सरकार के मुख्य सिद्धांत असत्य और हिंसा

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि मोदी सरकार के मुख्य सिद्धांत असत्य और हिंसा हैं। सोनम वांगचुक जी को जंतर-मंतर से हटाना, जबकि वे बिना हिंसा के भूख हड़ताल पर थे, गलत है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक, पढ़ाई का बढ़ता खर्च और छात्रों की आत्महत्याएं भारत के भविष्य के लिए बहुत जरूरी मुद्दे हैं। कोई भी ताकत भारत के स्टूडेंट्स, और हममें से जो लोग उनसे प्यार करते हैं और उन पर विश्वास करते हैं, उन्हें इन मुद्दों को उठाने से नहीं रोक सकती।

लोकतंत्र और संविधान के ऊपर एक और काला धब्बा

इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से जबरन अस्पताल स्थानांतरित करने की पुलिस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की और इस कार्रवाई को देश के लोकतंत्र और संविधान के ऊपर एक और काला धब्बा’’ बताया। खड़गे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, ‘‘111 दिन तक मां गंगा को बचाने के लिए आमरण अनशन पर बैठे प्रो जी.डी. अग्रवाल हों या हरियाणा की ओलंपिक पहलवान हों, हमारे 750 अन्नदाता किसान हों, दलित-आदिवासी हों, या फिर पेपर लीक की बलि चढ़े 25 बच्चे और उनके परिजन, इस तानाशाह सरकार ने किसी को नहीं बख्शा।’’

खड़गे ने कहा, ‘‘इनकी नजर में कोई भी अगर आवाज उठाता है तो वह राष्ट्र विरोधी है, परजीवी है। जंतर-मंतर पर आज जो हुआ वह लोकतंत्र और संविधान के ऊपर एक और काला धब्बा है।’’ खड़गे ने कहा, ‘‘कोटा और देहरादून से ‘छात्रों की गूंज’ का आगाज हो चुका है… यह दिल्ली की दहलीज तक जरूर पहुंचेगी।’’

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बल प्रयोग कर वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया

गौरतलब है कि जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 21वें दिन शनिवार तड़के अचानक भारी पुलिस बल अनशन स्थल पर पहुंचा और सोनम वांगचुक को जबरन वहां से उठाकर सफदरजंग अस्पताल में पहुंचा दिया गया। इस दौरान वहां अनशन पर बैठे कुछ अन्य छात्रों को भी उठाने की कोशिश की गई, लेकिन पुलिस सफल नहीं हो सकी। पुलिस ने इस कार्रवाई के लिए चिकित्सा सलाह और दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशों का हवाला दिया है।

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अभिजीत दीपके ने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया

पुलिस की कार्रवाई के तुरंत बाद कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने बल प्रयोग किया। दीपके ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘दिल्ली पुलिस ने मेरे साथ मारपीट की है और मुझे हिरासत में ले लिया है।’’ कॉजपा ने ‘एक्स’ पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें वांगचुक को सफेद चादर में लपेटकर प्रदर्शनस्थल से ले जाते हुए दिखाया गया है। कॉजपा ने कहा, ‘‘20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे एक कमजोर बुजुर्ग को दिल्ली पुलिस ने सफेद चादर में लपेटकर वहां से उठा लिया। यह देश के लिए शर्म की बात है।’’

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