राहुल गांधी का बड़ा हमला, 'अडानी को फायदा पहुंचाने के लिए आई अग्निवीर योजना, हम इसे रद्द करेंगे'

प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए राहुल गांधी ने कहा कि वह खुद को देशभक्त बताते हैं और सीमा पर जवानों के साथ दीवाली मनाते हैं लेकिन 'जब उन्हें जरूरत होती है तो उन्हें अग्निवीर देते हैं और उनकी दिव्यांगता पेंशन छीन लेते हैं

फोटो: सोशल मीडिया
i
user

नवजीवन डेस्क

google_preferred_badge

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को बीजेपी पर अग्निवीर योजना लागू कर सरकार और सैनिक के बीच भरोसे का 'अलिखित करार' तोड़ने का आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस पार्टी इसके खिलाफ है और वह इसे रद्द कर देगी।

पौड़ी में पूर्व सैनिकों को ‘डिजिटल’ माध्यम से संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि सैनिक देश की रक्षा का वादा करता है और बदले में उसके चोटिल या शहीद होने की स्थिति में सरकार उसके परिवार की सुरक्षा का वादा करती है।

उन्होंने कहा कि लेकिन बीजेपी ने अग्निवीर योजना लाागू कर इस 'अलिखित करार' को तोड़ा है। उन्होंने कहा, ‘‘अग्निवीर योजना कहती है कि आप हमें चार साल दीजिए लेकिन अगर आप शहीद हो गए तो देश आपके परिवार को कोई सुरक्षा नहीं देगा। यह सुरक्षा बलों की नींव के खिलाफ है।’’


कांग्रेस पार्टी को अग्निवीर योजना के खिलाफ बताते हुए राहुल गांधी ने कहा, ‘‘करोड़ों युवा सेना में जाने और उसकी रक्षा करने का सपना देखते हैं। हम चाहते हैं कि अग्निवीरों की सुरक्षा हो, उनके परिवार की सुरक्षा हो और उनका भविष्य सुरक्षित हो । इसलिए हमने साफ कहा है कि हम अग्निवीर योजना को रद्द कर देंगे ।’’

अडानी को अग्निवीर योजना लाए जाने का कारण बताते हुए राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चाहते हैं कि पूरा रक्षा बजट सेना के जवानों के भविष्य और सुरक्षा पर खर्च करने की बजाय अडानी जैसे अरबपतियों की जेब में जाए।

इस संबंध में, उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने रक्षा क्षेत्र में सार्वजनिक क्षेत्र की एचएएल, एनएएल और बीएचईएल जैसी कंपनियों को एक-एक कर खत्म या कमजोर कर दिया और 'सारे रक्षा सौदे' अदाणी या उनके जैसे दो-तीन अरबपतियों को दे दिए ।

प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए राहुल गांधी ने कहा कि वह खुद को देशभक्त बताते हैं और सीमा पर जवानों के साथ दीवाली मनाते हैं लेकिन 'जब उन्हें जरूरत होती है तो उन्हें अग्निवीर देते हैं और उनकी दिव्यांगता पेंशन छीन लेते हैं ।


राहुल गांधी ने कहा कि उनकी पार्टी के लिए सेना और सरकार का रिश्ता बहुत पवित्र है तथा उस रिश्ते का वह सम्मान करती है और आगे भी करती रहेगी । राहुल गांधी को पौड़ी में पूर्व सैनिकों के साथ एक कार्यक्रम में हिस्सा लेना था लेकिन मौसम खराब होने के कारण उनके वहां पहुंचने का कार्यक्रम रद्द हो गया । इसके बाद उन्होंने डिजिटल माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित किया।

इससे पहले, अपने दो दिवसीय कार्यक्रम के तहत गांधी सुबह पंतनगर हवाईअडडे पहुंचे थे और वहां से हेलीकॉप्टर से अल्मोड़ा के लिए रवाना हुए । हालांकि, मौसम खराब होने के कारण उनके हेलीकॉप्टर को बीच रास्ते से ही पंतनगर हवाई अडडा लौटना पड़ा था।

राहुल गांधी ने देश में आर्थिक तूफान आने की बात कहते हुए प्रधानमंत्री पर उर्जा और कृषि सहित देश के प्रमुख क्षेत्रों की सुरक्षा अमेरिका के हाथों सौंपने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पहला , ट्रंप को खुश करने के लिए मोदी ने देश की उर्जा सुरक्षा उन्हें पकड़ा दी। उन्होंने कहा, ‘‘हम उन्हीं देशों से तेल खरीद सकते हैं जहां से अमेरिका चाहता है। अगर अमेरिका चाहता है कि हम ईरान या रूस से तेल नहीं खरीदें तो हम नहीं खरीद सकते।’’


कांग्रेस नेता ने कहा कि अमेरिका के साथ करार से दूसरी बड़ी चोट कृषि क्षेत्र पर लगी है जहां प्रधानमंत्री ने इतिहास में पहली बार अमेरिका के किसानों के लिए भारत के कृषि क्षेत्र को खोल कर कृषि और खाद्य प्रणाली को चौपट कर दिया है।

राहुल गांधी ने कहा कि इसके अलावा, केंद्र ने भारत का पूरा ‘मेडिकल और कामर्शियल डेटा’ अमेरिका को दे दिया है जबकि हर साल अमेरिका से साढ़े नौ लाख करोड़ रुपए का सामान खरीदने का वायदा कर युवाओं को रोजगार देने वाली लाखों छोटे-छोटे लघु और मध्यम उद्योंगों की सुरक्षा को भी खत्म कर दिया । उन्होंने सवाल उठाया, ‘‘नरेन्द्र मोदी जी ने हिंदुस्तान के लिए क्या लिया ? कुछ नहीं लिया । अमेरिका का टैक्स कम हुआ। हमारा टैक्स बढ़ा ।’’

प्रधानमंत्री को 'समझौतावादी' बताते हुए राहुल गांधी ने दावा किया कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुलकर कह चुके हैं कि वह जब चाहें मोदी के कैरियर को खत्म कर सकते हैं । उन्होंने आपरेरशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय फौज पाकिस्तान से लड़ी लेकिन ट्रंप ने मोदी को फोन कर युद्ध बंद करवा दिया। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने स्वयं यह बात 20-25 बार कही है । उन्होंने कहा कि मोदी ‘रिमोट कंट्रोल’ से नियंत्रित होते हैं ।


लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि संसद में प्रधानमंत्री उनसे आंख नहीं मिला पाते, क्योंकि उन्हें पता है कि वह सच बोल रहे हैं।

इससे पहले, अल्मोड़ा में 'परिवर्तन का शंखनाद' जनसभा को राहुल गांधी ने फोन से संबोधित किया। जनसभा में मौजूद उत्तराखंड के पार्टी मामलों की प्रभारी पार्टी महासचिव कुमारी सैलजा ने माइक पर अपना फोन लगाकर लोगों को राहुल गांधी का संबोधन सुनाया ।

अल्मोड़ा न पहुंच पाने के लिए राहुल गांधी ने जनसभा में उन्हें सुनने आए लोगों से माफी मांगी और कहा कि वह जल्द दोबारा उनके बीच आएंगे एवं उनसे रूबरू होंगे। हालांकि, फोन पर राहुल गांधी के संबोधन का काफी हिस्सा स्पष्ट नहीं सुनाई दिया ।

गांधी ने कहा, ‘‘मैं पंतनगर हवाईअड्डे से बोल रहा हूं । आज सुबह मुझे वहां आना था लेकिन जब हम हेलीकॉप्टर से आ रहे थे तो पायलट ने बोला कि मौसम खराब है और हमें वापस पंतनगर जाना पड़ेगा ।’’

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड के निर्माण के पीछे के ‘विजन’ को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के लोगों ने एक ऐसे भविष्य की कल्पना की थी जहां आत्मनिर्णय का अधिकार उनके पास हो ।

उन्होंने कहा, ‘‘मगर दुख की बात है कि उत्तराखंड को आप नहीं चलाते, उत्तराखंड को रिमोट कंट्रोल से दिल्ली से चलाया जाता है।’’


राहुल गांधी ने यह भी कहा कि बाहरी लोग प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों का फायदा उठा रहे हैं और स्थानीय लोगों को उनका लाभ नहीं मिल रहा है ।

ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि इसके परिणामस्वरूप होर्मुज जलडमरूमध्य बंद हो गया । उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी आज देश के लिए नहीं बल्कि अमेरिका के लिए काम कर रहे हैं।

उत्तराखंड में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर आयोजित इस जनसभा में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत सहित लगभग सभी वरिष्ठ नेता मौजूद थे ।