असम में भयावह बाढ़ पर राहुल गांधी बोले- सिर्फ राहत नहीं, वैज्ञानिक रोकथाम और मजबूत सिस्टम की भी जरूरत

असम बाढ़ को लेकर राहुल गांधी ने वैज्ञानिक रोकथाम, पूर्व चेतावनी, मजबूत बुनियादी ढांचे और पुनर्वास की स्थायी व्यवस्था बनाने की मांग की है। राज्य में बाढ़ से अब तक 68 लोगों की मौत हो चुकी है।

फोटोः सोशल मीडिया
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लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने असम में आई विनाशकारी बाढ़ को लेकर चिंता जताते हुए बाढ़ से निपटने के लिए स्थायी और वैज्ञानिक व्यवस्था विकसित करने की जरूरत पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि केवल राहत और बचाव कार्य ही नहीं, बल्कि वैज्ञानिक रोकथाम, पूर्व चेतावनी प्रणाली, मजबूत बुनियादी ढांचे और प्रभावी पुनर्वास को प्राथमिकता देने वाला सिस्टम तैयार किया जाना चाहिए, ताकि लोगों को हर साल ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े। इस बीच अधिकारियों के मुताबिक राज्य में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 68 हो गई है और पांच जिलों में 5.24 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं।

सरकार से राहत कार्य तेज करने की अपील

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर असम में बाढ़ के कारण हुई मौतों पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना जताई और कहा कि इस आपदा से प्रभावित लाखों लोगों के साथ उनकी पूरी सहानुभूति है। कांग्रेस नेता ने उम्मीद जताई कि राज्य और केंद्र सरकार प्रभावित लोगों के राहत और बचाव कार्यों में कोई कसर नहीं छोड़ेंगी।


'हर साल की बाढ़ का स्थायी समाधान जरूरी'

राहुल गांधी ने कहा कि असम में हर साल बाढ़ आती है, जिससे जान-माल का भारी नुकसान होता है और कई परिवार उजड़ जाते हैं। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि बाढ़ से निपटने के लिए एक मजबूत और स्थायी व्यवस्था बनाई जाए। उनके अनुसार यह व्यवस्था वैज्ञानिक तरीके से बाढ़ की रोकथाम, समय रहते पूर्व चेतावनी, मजबूत बुनियादी ढांचे के निर्माण और प्रभावित लोगों के पुनर्वास को प्राथमिकता दे, ताकि हर साल लोगों को ऐसी आपदा का सामना न करना पड़े।

5.24 लाख से अधिक लोग प्रभावित

अधिकारियों के अनुसार, असम के पांच जिलों में 5.24 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। चार जिलों में 354 राहत शिविर और सहायता वितरण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां 37,724 लोग आश्रय लिए हुए हैं। राहत और बचाव अभियान में सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा तथा पुलिस समेत कई एजेंसियां लगातार जुटी हुई हैं।