किसानों को बार-बार तारीख दिए जाने पर राहुल गांधी ने उठाया सवाल, कहा- सरकार की नीयत ही साफ नहीं

आज दिल्ली के विज्ञान भवन में आंदोलनरत किसानों और सरकार के बीच हुई आठवें दौर की वार्ता भी बेनतीजा खत्म हो गई। आज की बैठक में भी किसानों को फिर अगली बैठक की तारीख मिली है। अब 15 जनवरी को एक बार फिर सरकार और किसान नेताओं के बीच बैठक होगी।

फाइल फोटोः getty images
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आसिफ एस खान

कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलनरत किसानों और सरकार के बीच बैठकों के बेनतीजा रहने पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आज की बैठक में फिर अगली बैठक की तारीख मिलने पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार की नीयत ही साफ नहीं है और बार-बार तारीख देना उनकी स्ट्रैटेजी है। उन्होंने लिखा, “नीयत साफ़ नहीं है जिनकी, तारीख़ पे तारीख़ देना स्ट्रैटेजी है उनकी!”

इससे पहले आज दिल्ली के विज्ञान भवन में आंदोलनरत किसानों और सरकार के बीच हुई आठवें दौर की वार्ता भी बेनतीजा खत्म हो गई। आज की बैठक में भी किसानों को फिर अगली बैठक की तारीख मिली है। अब 15 जनवरी को एक बार फिर सरकार और किसान नेताओं के बीच बैठक होगी।

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आज की बैठक के दौरान सरकार और किसानों के बीच काफी गर्मागरम बहस हुई। बैठक के बाद किसान नेता हन्नान मोल्ला ने बताया कि आज की चर्चा काफी गर्म रही। सरकार तीनों कृषि कानूनों के प्रावधानों पर बिंदुवार चर्चा पर अड़ी रही। जिसे किसान नेताओं ने भी फिर से खारिज कर दिया और कानूनों की वापसी की मांग पर कायम रहे। हमने कहा कि हम कानूनों को निरस्त करने के अलावा कुछ नहीं चाहते। कानून या तो रद्द किया जाएगा या हम लड़ाई जारी रखेंगे। 26 जनवरी को हमारी परेड योजना के अनुसार होगी।

गौरतलब है कि केंद्र के विवादित कृषि कानूनों के खिलाफ बीते 45 दिनों से दिल्ली की सीमाओं पर किसानों का आंदोलन जारी है। गतिरोध को खत्म करने के लिए सरकार और किसानों के बीच अब तक आठ दौर की वार्ता हो चुकी है। पिछली वार्ताओं में सरकार बिजली बिल और पराली जलाने के मुद्दे पर किसानों की मांग मान गई थी, लेकिन एमएसपी और विवादित तीनों कृषि कानूनों पर पीछे हटने को तैयार नहीं है। जबकि किसानों ने साफ कर दिया है कि कृषि कानूनों को रद्द कराए बिना वे वापस नहीं जाने वाले।

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