राहुल गांधी बोले- भारत की ऊर्जा सुरक्षा संकट में, PM की चुप्पी पर उठाए सवाल, कहा- हमारी रणनीतिक स्वायत्तता खतरे में
मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच राहुल गांधी ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक स्वायत्तता पर बढ़ते खतरे और प्रधानमंत्री की चुप्पी पर चिंता जताई है।

दुनिया एक बेहद अस्थिर दौर से गुजर रही है, और इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है। इसी संदर्भ में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि “दुनिया में तूफानी हालात हैं और भारत के सामने कठिन समय आने वाला है।”
राहुल गांधी ने हाल ही में अपने एक्स पर लिखा, भारत की तेल आपूर्ति गंभीर खतरे में है, क्योंकि हमारी 40% से अधिक तेल आयात होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर आते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि एलपीजी और एलएनजी की आपूर्ति की स्थिति इससे भी अधिक संवेदनशील है।
इंडियन ओशन में घटनाएं
नेता प्रतिपक्ष ने इंडियन ओशन में हालिया घटनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ईरानी युद्धपोत इंडियन ओशन में डूब गया और इसके बावजूद प्रधानमंत्री ने कोई बयान नहीं दिया।
रणनीतिक स्वायत्तता पर चिंता
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री की स्पष्ट आलोचना करते हुए लिखा कि वर्तमान पीएम ने भारत की रणनीतिक स्वायत्तता को छोड़ दिया है और देश कमजोर स्थिति में है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में देश को स्थिर और निर्णायक नेतृत्व की आवश्यकता है।
राहुल गांधी का संदेश स्पष्ट है। वर्तमान वैश्विक और क्षेत्रीय संकट के बीच भारत को अपनी ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है। प्रधानमंत्री की चुप्पी और निर्णायक नीति की कमी चिंता का विषय है।
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