दलितों पर अत्याचार के खिलाफ कांग्रेस का ‘संविधान बचाओ अभियान’ आज से, राहुल गांधी करेंगे शुरुआत

दलितों पर जारी अत्याचार, मोदी सरकार की संविधान विरोधी नीतियों और जन विरोधी फैसलों के खिलाफ कांग्रेस सोमवार से ‘संविधान बचाओ’ अभियान शुरु कर रही है। यह अभियान साल भर तक चलेगा।

फोटो : सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

बीजेपी की अगुवाई वाली मोदी सरकार के शासन में संविधान और दलितों पर हो रहे हमलों के खिलाफ कांग्रेस आज (सोमवार) से संविधान बचाओ अभियान शुरु कर रही है। इसकी शुरुआत दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में होगी, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी हिस्सा लेंगे।

यह अभियान अगले साल 14 अप्रैल तक चलेगा। 14 अप्रैल को बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर का जन्मदिन होता है। इस अभियान के तहत मोदी सरकार की उन नीतियों को उजागर किया जाएगा जिनसे संविधान का उल्लंघन होता है। 'संविधान बचाओ' अभियान की शुरूआत के मौके पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, गुलाम नबी आजाद, मल्लिकार्जुन खड़गे और सुशील कुमार शिंदे शामिल हो सकते हैं। इसमें पंचायत, स्थानीय निकाय और जिला स्तर के पार्टी पदाधिकारी भी भाग ले सकते हैं।

पार्टी सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को यह अभियान अपने-अपने इलाकों में चलाने का निर्देश दिया जाएगा। कार्यकर्ता लोगों को मोदी सरकार की संविधान विरोधी नीतियों के बारे में जागरुक करेंगे।

कांग्रेस का कहना है कि, ‘बीजेपी सरकार में संविधान खतरे में है. दलित समुदाय को शिक्षा और नौकरियों में अवसर नहीं मिल रहे हैं. इस अभियान का मकसद इन मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना है।’ कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के प्रमुख विपिन राउत ने एक बयान में दावा किया कि 2014 में बीजेपी जब से केंद्र की सत्ता में आई है, किसी न किसी तरीके से देश के संविधान पर हमले होते रहे हैं. इससे समाज के वंचित तबकों को उनके संवैधानिक अधिकार नहीं मिल रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी-आरएसएस अनुसूचित जातियों (एससी), अनुसूचित जनजातियों (एसटी) और अन्य कमजोर तबकों को मिली सामाजिक सुरक्षा को भंग करना चाहती है। आरएसएस विचारधारा संविधान के मूल ढांचे पर हमला करता है. कांग्रेस पार्टी इसका मुकाबला करेगी।

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