माल्या के संगीन आरोपों की स्वतंत्र जांच कराएं पीएम, वित्त मंत्री का पद छोड़ें जेटली: राहुल गांधी

विजय माल्या के आरोपों पर प्रधानमंत्री को तुरंत एक स्वतंत्र जांच के आदेश देने चाहिए और अरुण जेटली को जांच पूरी होने तक वित्त मंत्री पद से इस्तीफा देना चाहिए। यह मांग उठाई है कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने।

विजय माल्या के संगीन आरोप के बाद कि उसने भारत छोड़ने से पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात कर देनदारी का मामला सुलटाने की बात की थी, और वित्त मंत्री द्वारा यह स्वीकार करने के बाद कि हां, उनकी माल्या से मुलाकात हुई थी, विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार पर हमला बोल दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मांग की है कि माल्या के आरोपों की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। उन्होंने एक ट्वीट में कहा कि, “”लंदन में विजय माल्या द्वारा लगाए गए संगीन आरोपों के मद्देनज़र प्रधानमंत्री को तुरंत इस मामले में स्वतंत्र जांच के आदेश देने चाहिए। साथ ही जांच पूरी होने तक अरुण जेटली को वित्त मंत्री के पद से इस्तीफा देना चाहिए।“

इससे पहले कांग्रेस पार्टी ने भी माल्या-जेटली मुलाकात पर कहा कि, “देश छोड़कर भागने से पहले विजय माल्या ने वित्त मंत्री अरुण जेटली से कई बार मुलाकात की और देनदारी के निपटारे की चर्चा की। इसके बावजूद बीजेपी सरकार ने उसे हजारों करोड़ के कर्ज के साथ भाग जाने दिया। क्या अब भी कोई सबूत चाहिए कि यह सरकार पसंदीदा पूंजीवादियों की जेब में है।”

इतना ही नहीं कांग्रेस ने एक तस्वीर भी शेयर की है, जिसमें मशहूर टीवी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ में होस्ट अमिताभ बच्चन सवाल पूछते हैं दिखते हैं। सवाल है, ‘विजय माल्या को देश से भागने में किसने मदद की?’ इस सवाल के जवाब में जो विकल्प दिए गए हैं उनमें लिखा है, अरुण, जेटली, अरुण जेटली या वित्त मंत्री।

गौरतलब है विजय माल्या ने बुधवार को प्रत्यर्पण मामले की सुनवाई के दौरान अदालत से बाहर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उसने भारत छोड़ने से पहले वित्त मंत्री से मुलाकात की थी और देनदारी का मामला निपटाने की पेशकश की थी।

विजय माल्या का सनसनीखेज़ दावा सामने आने के तुरंत बाद ही वित्त मंत्री अरुण जेटली ने ब्लॉग पोस्ट में सफाई दी। उन्होंने पहले वाक्य में तो कहा कि 2014 के बाद से उन्होंने कभी भी विजय माल्या को मिलने का समय नहीं दिया। लेकिन अगले ही वाक्य में वे स्वीकारते हैं कि संसद में उनकी विजय माल्या से चलते-चलते मुलाकात हुई थी और उसने देनदारी निपटारे की पेशकश की थी।

विजय माल्या ने सिर्फ वित्त मंत्री से ही मुलाकात का धमाका नहीं किया। जब माल्या से पूछा गया कि क्या उसने दूसरे बीजेपी नेताओँ से भी मुलाकात की, तो उसने कहा कि हां, यह भी कहा कि, “अलग-अलग समय पर मैं संसद में बहुत से संसदीय साथियों से मिला हूं और मैंने बैंकों की देनदारी निपटाने की अपनी इच्छा उनके सामने रखी है। मुझे नहीं लगता कि मेरे पास आपको इससे ज्यादा बताने के लिए कुछ हैं।”

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