SC/ST कानून को लेकर प्रदर्शन करने वाले युवाओं पर दर्ज केस वापस हो, राहुल गांधी ने पीएम को लिखा पत्र

राहुल गांधी ने कहा कि विरोध प्रदर्शन के बाद कई निर्दोष युवाओं को गिरफ्तार किया गया। उन पर लगातार आपराधिक आरोप लगते रहते हैं। उनमें से कई पहली पीढ़ी के शिक्षार्थी हैं और लंबित मामलों ने उनकी शिक्षा, नौकरी की संभावनाओं और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है।

SC/ST कानून को लेकर प्रदर्शन करने वाले युवाओं पर दर्ज केस वापस हो, राहुल गांधी ने पीएम को लिखा पत्र
i
user

नवजीवन डेस्क

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर आग्रह किया कि वर्ष 2018 में अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के विषय पर हुए विरोध प्रदर्शनों को लेकर युवाओं के खिलाफ दर्ज मामले वापस लिए जाएं या रद्द किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को सहानुभूति दिखाते हुए दलित युवाओं को कानूनी कार्यवाही के बोझ से मुक्त करना चाहिए।

राहुल गांधी ने पत्र में कहा, ‘‘मैं यह पत्र एससी और एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम को कमजोर करने के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के दौरान दो अप्रैल, 2018 को दलित और आदिवासी युवाओं के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने का अनुरोध करने के लिए लिख रहा हूं। उस दिन प्रदर्शन के दौरान 14 दलित युवकों की दुखद मृत्यु हो गई।’’

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा, ‘‘विरोध प्रदर्शन उस न्यायिक फैसले के कारण शुरू हुए, जिसने एससी-एसटी अधिनियम को कमजोर कर दिया था। यह एक ऐसा कानून है जिसने लाखों दलितों और आदिवासियों को व्यवस्थागत भेदभाव और हिंसा के खिलाफ न्याय और सुरक्षा पाने का अधिकार दिया है।’’ उनके मुताबिक, दो अप्रैल के विरोध प्रदर्शन ने दलितों और आदिवासियों के खिलाफ हिंसा और भेदभाव की बढ़ती घटनाओं को भी प्रतिबिंबित किया।


राहुल गांधी ने कहा, ‘‘विरोध प्रदर्शन के बाद कई निर्दोष युवाओं को गिरफ्तार किया गया। उन पर लगातार आपराधिक आरोप लगते रहते हैं। उनमें से कई पहली पीढ़ी के शिक्षार्थी हैं और लंबित मामलों ने उनकी शिक्षा, नौकरी की संभावनाओं और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है।’’

उन्होंने इस बात का उल्लेख किया, ‘‘यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि संसद ने बाद में एससी-एसटी (अत्याचार निवारण) संशोधन अधिनियम, 2018 लागू किया, जिससे कानून की ताकत बहाल हुई और उस उचित कारण की पुष्टि हुई जिसके लिए ये युवा संगठित हुए थे। उच्चतम न्यायालय ने भी 2020 में इस संशोधन को बरकरार रखा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं भारत सरकार से इस मामले पर सहानुभूतिपूर्ण और न्यायपूर्ण दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह करता हूं।’’

राहुल गांधी ने आग्रह किया कि दो अप्रैल, 2018 के विरोध प्रदर्शन के संबंध में एससी-एसटी युवाओं के खिलाफ दर्ज सभी मामलों की समीक्षा की जाए, सभी मामलों को वापस लिए जाएं या रद्द किए जाएं और यह सुनिश्चित किया जाए कि निर्दोष युवा लंबी कानूनी कार्यवाही के बोझ से मुक्त हों। उन्होंने कहा, ‘‘आपसे व्यक्तिगत रूप से इस महत्वपूर्ण मुद्दे को संवेदनशीलता और शीघ्रता से हल करने का आग्रह करता हूं।’’

Google न्यूज़नवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia