कोटा, देहरादून, प्रयागराज के बाद आज पुणे में राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम, लाखों छात्रों के आने की उम्मीद
‘छात्रों की गूंज’ अभियान की शुरुआत युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने के उद्देश्य से की गई है। राहुल गांधी इससे पहले कोटा, देहरादून और प्रयागराज में छात्रों से संवाद कर चुके हैं।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी शनिवार यानी आज महाराष्ट्र के पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में छात्रों से संवाद करेंगे। यह इस अभियान का चौथा बड़ा कार्यक्रम है। इससे पहले राहुल गांधी कोटा, देहरादून और प्रयागराज में छात्रों के साथ संवाद कर चुके हैं।
पुणे पुलिस ने कार्यक्रम को मंजूरी दे दी है। सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आयोजकों पर 30 शर्तें लागू की गई हैं। इनमें आपत्तिजनक पोस्टर, बैनर और तस्वीरें लगाने पर रोक समेत कई दिशा-निर्देश शामिल हैं।
SSPMS कॉलेज मैदान में होगा संवाद
राहुल गांधी का यह कार्यक्रम पुणे के SSPMS कॉलेज मैदान में आयोजित किया जाएगा। यह मैदान उनके लिए नया नहीं है। 2024 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान भी राहुल गांधी ने इसी मैदान पर एक बड़ी जनसभा को संबोधित किया था। अब एक बार फिर वे इसी जगह छात्रों के बीच अपनी बात रखेंगे।
कार्यक्रम में देशभर से छात्र-छात्राओं के शामिल होने की उम्मीद है। इस बार संवाद का मुख्य फोकस छात्राओं से जुड़े मुद्दों पर रहेगा। शिक्षा, सुरक्षा, समानता, प्रतियोगी परीक्षाओं और करियर के अवसरों जैसे विषयों पर छात्रों से खुलकर चर्चा की जाएगी।
अभियान का उद्देश्य छात्रों, खासकर छात्राओं को अपनी समस्याएं और विचार सामने रखने के लिए सुरक्षित और स्वतंत्र मंच उपलब्ध कराना है। साथ ही शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों को व्यापक राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का हिस्सा बनाना भी इसका मकसद है।
कोटा से प्रयागराज तक हो चुके कार्यक्रम
‘छात्रों की गूंज’ अभियान की शुरुआत युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने के उद्देश्य से की गई है। राहुल गांधी इससे पहले कोटा में 17 जून, देहरादून में 17 जुलाई और प्रयागराज में 8 अगस्त को छात्रों से संवाद कर चुके हैं।
इन कार्यक्रमों के दौरान उन्होंने पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और युवाओं से जुड़े दूसरे मुद्दों पर चर्चा की। कई मौकों पर राहुल गांधी ने छात्रों और शिक्षकों को भी मंच पर अपनी बात रखने का अवसर दिया।
प्रयागराज कार्यक्रम में राहुल गांधी ने युवाओं को देश की सबसे बड़ी ताकत बताया था। उन्होंने कहा था कि भारत का भविष्य युवाओं की क्षमता और उनके अवसरों पर निर्भर करता है।
दिल्ली के घटनाक्रम के बाद पुणे पर नजर
पुणे कार्यक्रम से पहले दिल्ली में भी राहुल गांधी का विरोध-प्रदर्शन चर्चा में रहा। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन के कथित इस्तेमाल के विरोध में राहुल गांधी पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर धरने पर बैठ गए थे। उन्होंने मामले में FIR दर्ज करने की मांग की थी, जिसे बाद में पुलिस ने स्वीकार कर लिया। अब दिल्ली के इस घटनाक्रम के बाद राहुल गांधी के पुणे दौरे और ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर राजनीतिक नजरें टिकी हैं।
देशभर में 800 कार्यक्रम करने की तैयारी
कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने 19 जुलाई को दिल्ली में CWC बैठक के बाद कहा था कि ‘छात्रों की गूंज’ अभियान को आगे भी जारी रखा जाएगा।
उन्होंने बताया था कि देशभर के करीब 800 छोटे शहरों और कस्बों में इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। राहुल गांधी इनमें से कुछ स्थानों पर खुद भी छात्रों के साथ संवाद करेंगे। इस अभियान के जरिए कांग्रेस की नजर युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को देशव्यापी स्तर पर उठाने पर है।
