राजस्थान के भीलवाड़ा में दर्दनाक हादसा, शराब समझकर बर्तन धोने का केमिकल पीया, तीन महिलाओं समेत 4 लोगों की मौत
घटना की सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर जसमीत सिंह सिंधु और जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र यादव मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।

राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। गंगापुर थाना क्षेत्र के आलोली गांव में शादी समारोह में काम करने गए चार श्रमिकों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, चारों ने बर्तन साफ करने वाले घातक रासायनिक तरल पदार्थ को शराब समझकर पी लिया, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ गई और बाद में उनकी मौत हो गई।
काम खत्म कर लौटे, रास्ते में ले आए ‘लिक्विड’
मामला तीन दिन पहले का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, रतन (पुत्र मसरिया कंजर), सुशीला देवी, जमनी देवी (पत्नी शंकर कंजर) और बदामी देवी ने आलोली गांव में शैतान सिंह के यहां आयोजित एक शादी समारोह में बर्तन धोने का ठेका लिया था। काम पूरा होने के बाद वे वहां से बर्तन साफ करने वाला लिक्विड अपने साथ ले आए। पुलिस का अनुमान है कि उन्होंने इसे शराब समझ लिया और नशे की ललक में उसका सेवन कर लिया।
देर रात बिगड़ी हालत, अस्पताल में तोड़ा दम
बताया जा रहा है कि केमिकल पीने के कुछ समय बाद ही चारों की तबीयत बिगड़ने लगी। देर रात उन्हें गंगापुर अस्पताल ले जाया गया, जहां तीन लोगों ने दम तोड़ दिया। वहीं, एक महिला की हालत गंभीर होने पर उसे भीलवाड़ा के महात्मा गांधी जिला चिकित्सालय रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी भी मौत हो गई।
इस तरह एक ही घटना में चार लोगों की जान चली गई, जिससे माधोपुरा गांव और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर फैल गई है।
प्रशासन और पुलिस में हड़कंप
घटना की सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर जसमीत सिंह सिंधु और जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र यादव मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीम को भी मौके पर बुलाया गया, ताकि रासायनिक तरल की जांच की जा सके और मौत के कारणों की पुष्टि हो सके।
चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया गया है। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला बर्तन धोने के केमिकल को शराब समझकर पीने का लग रहा है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल जांच के बाद ही सामने आएगा।
अवैध बिक्री की भी जांच
सामूहिक मौत की इस घटना के बाद पुलिस, प्रशासन और आबकारी विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। जांच के दौरान यह भी देखा जा रहा है कि कहीं यह रासायनिक तरल अवैध रूप से तो नहीं बेचा जा रहा था। संबंधित दुकानदारों और संभावित अवैध विक्रेताओं से पूछताछ की जा रही है।
गांव में पसरा मातम
चारों मृतक मजदूरी कर जीवन यापन करते थे। शादी समारोह में बर्तन धोने का काम कर वे अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। एक साथ चार लोगों की मौत ने परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। गांव में मातम का माहौल है और लोग इस घटना को लेकर स्तब्ध हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद सच्चाई स्पष्ट की जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अवैध गतिविधि पाई गई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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