राजीव गांधी की जयंती: 'वीरभूमि' पहुंचे सोनिया गांधी, खड़गे, राहुल और प्रियंका समेत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, दी श्रद्धांजलि

सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल, प्रियंका समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता राजीव गांधी के समाधि स्थल ‘वीरभूमि’ पहुंचे, जहां श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया।

फोटो: @INCIndia
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20 अगस्त को भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती मनाई जाती है। इस अवसर पर देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता राजीव गांधी के समाधि स्थल ‘वीरभूमि’ पहुंचे, जहां श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

राजीव गांधी की जयंती पर मनाया जाता है ‘सद्भावना दिवस’

राजीव गांधी देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री रहे। 20 अगस्त को उनकी जयंती के दिन ‘सद्भावना दिवस’ भी मनाया जाता है। यह दिवस शांति, राष्ट्रीय एकता, आपसी भाईचारे और सामाजिक सद्भाव के मूल्यों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मनाया जाता है।

कांग्रेस ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में राजीव गांधी को याद करते हुए कहा कि आधुनिक भारत के निर्माण में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।

क्यों मनाया जाता है सद्भावना दिवस?

सद्भावना दिवस राजीव गांधी के एक आधुनिक, प्रगतिशील और एकजुट भारत के सपने को याद करने का अवसर है। उनके राजनीतिक जीवन में युवाओं की भागीदारी, तकनीकी विकास, राष्ट्रीय एकता और सांप्रदायिक सद्भाव जैसे मुद्दों को विशेष महत्व दिया गया।

इस दिन का मुख्य उद्देश्य समाज में शांति और सद्भाव को बढ़ावा देना तथा लोगों को आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर एकता की भावना के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है। राजीव गांधी का मानना था कि भारत की विविधता उसकी ताकत है और देश की प्रगति के लिए अलग-अलग समुदायों के बीच आपसी विश्वास और भाईचारा जरूरी है।

सद्भावना दिवस युवाओं को भी एक आधुनिक और समावेशी भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने की प्रेरणा देता है। राष्ट्रीय एकता, धर्मनिरपेक्षता, शांति और सामाजिक सौहार्द इसके प्रमुख संदेशों में शामिल हैं।

40 साल की उम्र में बने थे पीएम

राजीव गांधी ने 1984 में 40 वर्ष की उम्र में भारत के छठे प्रधानमंत्री के रूप में पद संभाला। उनके कार्यकाल को देश में तकनीकी बदलाव और आधुनिकीकरण को बढ़ावा देने, युवाओं को अधिक अवसर देने तथा भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मजबूत करने की कोशिशों के लिए याद किया जाता है।

उनकी जयंती पर मनाया जाने वाला सद्भावना दिवस उनके शांति, एकता और प्रगति के विचारों को सम्मान देने का अवसर है। यह दिन भारत की ‘अनेकता में एकता’ की भावना को मजबूत करने और सभी वर्गों के बीच आपसी भाईचारे का संदेश देने की याद दिलाता है।

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