राजीव गांधी की पुण्यतिथि: राहुल गांधी बोले- भारत को समृद्ध बनाने का जो सपना पापा ने देखा था उसे मैं साकार करूंगा

राहुल गांधी ने अपने पिता राजीव गांधी के साथ अपने बचपन की एक तस्वीर साझा की और कहा, ‘‘ पापा, आपने जिस कुशल, समृद्ध और मजबूत भारत का सपना देखा था, उसे साकार करने की जिम्मेदारी मैं पूरी करूंगा।

फोटो: सोशल मीडिया
i
user

नवजीवन डेस्क

google_preferred_badge

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने पिता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें याद किया और कहा कि उनके पिता ने भारत को समृद्ध बनाने का जो सपना देखा था उसे वह साकार करेंगे। राजीव गांधी की पुण्यतिथि के मौके पर कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाद्रा सहित पार्टी के कई नेताओं ने राजीव गांधी के स्मारक ‘वीर भूमि’ जाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

राहुल गांधी ने अपने पिता राजीव गांधी के साथ अपने बचपन की एक तस्वीर साझा की और कहा, ‘‘ पापा, आपने जिस कुशल, समृद्ध और मजबूत भारत का सपना देखा था, उसे साकार करने की जिम्मेदारी मैं पूरी करूंगा। आपकी सीख, आपके संस्कार और आपकी यादें हमेशा मेरे साथ रहेंगी।’’

वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘ भारत के एक सपूत, जिन्होंने देश भर में लाखों लोगों में आशा और आकांक्षा को प्रेरित किया, पूर्व प्रधानमंत्री और 'भारत रत्न' राजीव गांधी को उनके शहादत दिवस पर हम अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।"

उन्होंने कहा, "राजीव गांधी ने दूरदर्शिता, साहस और भारत के भविष्य में गहरी आस्था के साथ, 21वीं सदी में देश की यात्रा की नींव रखी। उनकी परिवर्तनकारी पहलों में मतदान की आयु को घटाकर 18 करना, पंचायती राज के माध्यम से स्थानीय स्वशासन को सशक्त बनाना, दूरसंचार और सूचना प्रौद्योगिकी क्रांति की शुरुआत करना, कम्प्यूटरीकरण को आगे बढ़ाना, महत्वपूर्ण शांति समझौते हासिल करना, सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम शुरू करना और समावेशी शिक्षा पर केंद्रित एक दूरदर्शी शिक्षा नीति पेश करना शामिल है।"

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राजीव गांधी का प्रगतिशील दृष्टिकोण, देश की एकता के लिए उनका सर्वोच्च बलिदान और उनकी सादगी सभी के लिए प्रेरणापुंज बनी रहेगी।

राजीव गांधी 1984 से 1989 के बीच भारत के प्रधानमंत्री रहे। उनकी 1991 में तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में एक चुनाव प्रचार अभियान के दौरान हत्या कर दी गई थी।