Raksha Bandhan: राखी बांधने का शुभ मुहूर्त कब तक? जानें राहुकाल समेत आज का पंचांग

आज रक्षाबंधन के दिन पूर्णिमा तिथि के साथ अतिगंड और सुकर्मा योग बन रहे हैं। पंचांग में अभिजित मुहूर्त, अमृत काल और राहुकाल भी खास रहेंगे।

फोटो: सोशल मीडिया
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रक्षाबंधन का त्योहार देशभर में आज मनाया जा रहा है। भाई-बहन के इस खास पर्व पर राखी बांधने का मुख्य शुभ मुहूर्त सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक रहेगा। यानी राखी बांधने के लिए आज सुबह का समय बेहद अहम है। पंचांग के मुताबिक, श्रावण शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि भी सुबह 9:48 बजे तक रहेगी और इसके बाद प्रतिपदा शुरू हो जाएगी। वहीं, राहुकाल सुबह 10:54 बजे से दोपहर 12:28 बजे तक रहेगा।

आज का सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय

हिंदू धर्म में पंचांग का खास महत्व माना जाता है। शुभ काम, पूजा-पाठ, यात्रा या किसी नए काम की शुरुआत से पहले पंचांग देखकर समय तय करने की परंपरा है। 28 अगस्त को सूर्योदय सुबह 6:11 बजे और सूर्यास्त शाम 6:44 बजे होगा। वहीं, चंद्रोदय शाम 6:56 बजे होगा और अगले दिन तड़के 6:57 बजे चंद्रास्त होगा।

पंचांग के अनुसार, आज सूर्य मघा नक्षत्र में स्थित रहेगा। चंद्रमा कुंभ राशि में रहेगा और शतभिषा नक्षत्र में स्थित होगा। शतभिषा नक्षत्र अगले दिन सुबह करीब 3:12 बजे तक रहेगा, जिसके बाद पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र शुरू हो जाएगा।


आज के शुभ मुहूर्त और योग

आज सुबह 7:26 बजे तक अतिगंड योग रहेगा। इसके बाद सुकर्मा योग शुरू होगा। दिन का अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:03 बजे से 12:53 बजे तक रहेगा। इसे दिन के प्रमुख शुभ समय में माना जाता है। इसके अलावा अमृत काल रात 7:43 बजे से 9:23 बजे तक रहेगा।

वहीं, आज राहुकाल सुबह 10:54 बजे से दोपहर 12:28 बजे तक रहेगा। इसके अलावा गुलिक काल सुबह 7:45 बजे से 9:19 बजे तक और यमगंड काल दोपहर 3:36 बजे से शाम 5:10 बजे तक रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इन समयों में नए काम शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है।

सूर्य-चंद्रमा की स्थिति और दिशाशूल

28 अगस्त को सूर्य सिंह राशि में और चंद्रमा कुंभ राशि में स्थित रहेगा। शुक्रवार को पश्चिम दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष और वास्तु की मान्यताओं के मुताबिक, इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। अगर किसी वजह से पश्चिम दिशा की यात्रा जरूरी हो, तो प्रस्थान से पहले कुछ विशेष ज्योतिषीय उपाय अपनाने की परंपरा है।

कुल मिलाकर, आज रक्षाबंधन के दिन राखी बांधने वालों के लिए सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक का समय सबसे महत्वपूर्ण है। इसी अवधि में पूर्णिमा तिथि भी रहेगी। इसके बाद दिन में अभिजित मुहूर्त और रात में अमृत काल रहेगा, जबकि राहुकाल, गुलिक काल और यमगंड काल को पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार शुभ कार्यों के लिए टालने की सलाह दी गई है।

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