राम मंदिर चढ़ावा विवाद: 'कागभुसुंडि' गायब होने पर अखिलेश का हमला, बोले- FIR बिना SIT 'बिना तीर की कमान'
राम मंदिर चढ़ावा और दान विवाद में ‘कागभुसुंडि’ के कथित रूप से गायब होने पर अखिलेश यादव ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने FIR के बिना गठित SIT की प्रभावशीलता पर भी निशाना साधा।

अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे और दान से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मामले में अखिलेश यादव ने फिर निशाना साधा है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अब दान में दिए गए ‘कागभुसुंडि’ के कथित रूप से गायब होने का मुद्दा उठाते हुए राज्य सरकार और जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि एफआईआर दर्ज किए बिना गठित की गई विशेष जांच दल (SIT) ‘बिना तीर की कमान’ की तरह है।
'कागभुसुंडि' गायब होने की खबर पर अखिलेश का सवाल
अखिलेश यादव ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि अब दान में दिए गए ‘कागभुसुंडि’ के गायब होने की निंदनीय खबर सामने आई है। सपा प्रमुख ने कहा कि चढ़ावा, चंदा और दान से जुड़ी कथित गड़बड़ियों के लगातार नए खुलासे हो रहे हैं, जिससे सनातन धर्म में आस्था रखने वाले लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हालात ऐसे हैं कि नेपाल और अन्य सीमावर्ती इलाकों की सीमाएं बंद कर देनी चाहिए, ताकि आरोपी फरार न हो सकें। अखिलेश ने यह भी सवाल उठाया कि जब लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं, तब SIT की जांच आखिर क्या हासिल कर पाएगी।
SIT की भूमिका और मंशा पर भी उठाए सवाल
सपा अध्यक्ष ने जांच एजेंसी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि यह विशेष जांच दल जांच करने से अधिक मामले को ढंकने का प्रयास करता हुआ दिखाई देता है। उनके अनुसार SIT का गठन जांच के लिए हुआ है या फिर मामले को ‘ढांकने’ और ‘बांटने’ के लिए, यह सवाल अब लोगों के मन में उठ रहा है।
अखिलेश यादव का यह बयान ऐसे समय आया है जब राम मंदिर चढ़ावा और दान राशि में कथित अनियमितताओं को लेकर बहस लगातार जारी है और इस मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं।
जांच के लिए सरकार ने बनाई थी 3 सदस्यीय SIT
राम मंदिर में चढ़ावे और दान से जुड़े कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन किया था। इस टीम में लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, लखनऊ जोन की पुलिस महानिरीक्षक किरन एस और विशेष सचिव वित्त नीलरतन को शामिल किया गया है।
जांच दल ने हाल ही में अयोध्या पहुंचकर विभिन्न पक्षों से पूछताछ की और संबंधित दस्तावेजों व वित्तीय अभिलेखों की गहन जांच की। जांच पूरी होने के बाद SIT ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। हालांकि सरकार का कहना है कि जांच प्रक्रिया अभी जारी है और जरूरत पड़ने पर आगे भी तथ्यों की पड़ताल तथा संबंधित लोगों से पूछताछ की जाएगी। मामले में अंतिम निर्णय जांच के सभी पहलुओं की समीक्षा के बाद लिया जाएगा।
