राम मंदिर चंदा चोरी को लेकर उद्धव ठाकरे का शक्ति प्रदर्शन, आज मुंबई में 'राम रक्षा' आंदोलन
अयोध्या राम मंदिर के दान और चढ़ावे को लेकर शिवसेना (यूबीटी) आज मुंबई में 'राम रक्षा' आंदोलन करेगी। इस प्रदर्शन का नेतृत्व उद्धव ठाकरे करेंगे।

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान के कथित गबन के विरोध में शिवसेना (यूबीटी) रविवार को मुंबई में 'राम रक्षा' आंदोलन करेगी। इस प्रदर्शन का नेतृत्व पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे करेंगे। पार्टी का कहना है कि इस आंदोलन का उद्देश्य राम मंदिर में दान और चढ़ावे के प्रबंधन में कथित अनियमितताओं को लेकर जवाबदेही तय कराना है। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में राम भक्तों के शामिल होने की उम्मीद जताई गई है।
हनुमान मंदिर से शुरू होगा प्रदर्शन, होगा स्तोत्र और चालीसा का पाठ
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत के अनुसार, यह विरोध प्रदर्शन रविवार शाम 4 बजे दादर स्थित कबूतरखाना के पास हनुमान मंदिर से शुरू होगा। इस दौरान उद्धव ठाकरे पार्टी नेताओं और शिव सैनिकों के साथ राम रक्षा स्तोत्र, हनुमान स्तोत्र और हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे। पार्टी ने इस कार्यक्रम को 'राम रक्षा' नाम दिया है और इसे राम मंदिर में दान और चढ़ावे के कथित प्रबंधन को लेकर जवाबदेही की मांग से जोड़ा है।
उद्धव ठाकरे ने लोगों से की शामिल होने की अपील
बीते दिन उद्धव ठाकरे ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान के लिए जवाबदेही तय करने में विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि चढ़ावे के पैसे की लूट हुई है और मंदिर फंड के प्रबंधन में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उद्धव ठाकरे ने आम जनता को खुले तौर पर इस आंदोलन में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विचारधारा से ऊपर उठकर हर वह हिंदू इस कार्यक्रम में शामिल हो, जो भगवान राम के घर में कथित चोरी को बर्दाश्त नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम उन सभी लोगों के लिए है जिन्होंने हिंदुत्व और बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा को नहीं छोड़ा है।
संजय राउत ने BJP और RSS पर बोला हमला
प्रदर्शन से पहले शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब राम मंदिर आंदोलन चल रहा था, तब भाजपा और RSS के नेता घरों में बैठे थे, जबकि उनकी पार्टी सड़क पर थी। राउत ने कहा कि अब यह उनका कर्तव्य और अधिकार है कि वे पूछें कि राम मंदिर में कथित चोरी और अनियमितताओं के पीछे कौन लोग हैं।
