राम मंदिर चंदा चोरी मामला: कांग्रेस का PM मोदी पर सीधा हमला, पूछा- पीएम बताएं इस 'महापाप' में उनकी क्या भूमिका है?

कांग्रेस ने कहा कि पीएम मोदी ने ही इसके लिए ट्रस्ट बनाया और उनकी मर्जी से ही ट्रस्ट में लोगों को रखा गया, वर्ना इसमें धार्मिक लोगों को रखा जाता। ऐसे में जब चढ़ावा चोरी का महापाप हुआ है, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लोगों को ये बताना चाहिए कि वे इसमें शामिल हैं या नहीं।

फोटो: सोशल मीडिया
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राम मंदिर चंदा चोरी मामले में कांग्रेस ने एक बार फिर पीएम मोदी और बीजेपी सरकार को घेरा है। कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपुत ने प्रेस कांफ्रेंस करके पीएम मोदी और मोदी सरकार से सवाल पूछे। कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर का शिलान्यास किया और उन्होंने ही इसकी प्राण प्रतिष्ठा भी की। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ही इसके लिए ट्रस्ट बनाया और उनकी मर्जी से ही ट्रस्ट में लोगों को रखा गया, वर्ना इसमें धार्मिक लोगों को रखा जाता। ऐसे में जब चढ़ावा चोरी का महापाप हुआ है, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लोगों को ये बताना चाहिए कि वे इसमें शामिल हैं या नहीं। राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का विषय है, इसमें वे अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते।

'प्रधानमंत्री मोदी अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते'

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में प्रधानमंत्री मोदी अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते, क्योंकि यह ट्रस्ट उन्होंने ही बनाया। इस ट्रस्ट में विशेष विचारधारा के लोगों को रखा गया और उन्होंने अपने भाई-भतीजों को नौकरी पर लगवा दिया। चढ़ावा चोरी मामले में मगरमच्छों को बचाने के लिए चंद मछलियों को चारा बना दिया गया। इस पूरे मामले में सुई PMO, संघ प्रमुख की तरफ भी जाती है। हमें PMO, RSS-VHP से जवाब चाहिए और चढ़ावा चोरी मामले में PMO से जुड़े लोगों और संघ प्रमुख से पूछताछ हो।


ट्रस्ट को RTI के दायरे से बाहर क्यों रखा?

कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि BJP-RSS ने पहले चंदे की चोरी की, जमीन चोरी की और फिर चढ़ावे की चोरी कर ली। सनातन धर्म में कहा जाता है कि जो भी चढ़ावा चोरी करता है, वह 60 हजार साल तक 'मल का कीड़ा' बनता है। BJP साफ करे कि वह इस चढ़ावे चोरी में भागीदारी रखती है या फिर हिस्सेदारी रखती है, क्योंकि इसके कई प्रमाण हैं। इन सवालों पर प्रधानमंत्री मोदी को जवाब देना होगा। 

 • आखिर किन कारणों से ट्रस्ट को RTI के दायरे से बाहर रखा गया?

  • अगर ट्रस्ट पूरी तरह से धार्मिक है, तो उसमें BJP-RSS से जुड़े लोगों को ही क्यों रखा गया?

SIT गठन उठाए सवाल

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में SIT का गठन किया गया और इस SIT के हेड विजय विश्वास पंत हैं। विजय विश्वास कभी मध्यांचल वितरण निगम के MD हुआ करते थे। लेकिन मजेदार बात है कि इन्हीं विजय विश्वास पर धारा 420 और 465 में FIR दर्ज हो रखी है और ये आरोपी हैं। यानी- जिस व्यक्ति पर लूट और गबन का आरोप है, उसे ही BJP सरकार ने चढ़ावा चोरी की जांच करने वाली SIT का हेड बना दिया।


राम मंदिर निर्माण में 2100 करोड़ रुपए कैसे लग गए?

राजस्थान के व्यापारी दिलीप सिंह राठौड़ के पास पत्थर की खदान के ठेके हैं। दिलीप सिंह राठौड़ का कहना है कि मैं राम मंदिर के लिए मुफ्त में पत्थर देने के लिए तैयार था। राम मंदिर निर्माण से जुड़े लोगों ने उनसे पत्थर लेने से मना कर दिया और फिर 500 रुपए स्क्वायर फिट के दाम पर पत्थर खरीदे गए। L&T ने कहा था कि हम 1 रुपए में मंदिर निर्माण कर देंगे, तो फिर निर्माण में 2100 करोड़ रुपए कैसे लग गए? । आज ट्रस्ट दान के आभूषण दिखा रहा है, लेकिन सवाल है- बाकी छोटे-छोटे आभूषण कहां हैं, सिंधी समाज की तरफ से दी गईं 200 किलो चांदी की ईंटें कहां है?। निर्मोही अखाड़े ने मंदिर आंदोलन के समय कहा था कि VHP के लोग 1,500 करोड़ रुपए का चंदा खा गए, वो कहां है? नरेंद्र मोदी, BJP-RSS ने सबसे बड़ा पाप तो यह किया कि ट्रस्ट को राजनीतिक अड्डा बना दिया और उसमें धर्माचार्यों को नहीं रखा। शायद ट्रस्ट में धर्माचार्यों को इसलिए भी नहीं रखा गया, क्योंकि इन्हें लूट करनी थी।