राम मंदिर चंदा चोरीः जांच के बीच आधे से अधिक गणनाकर्मियों ने दिया इस्तीफा, जांच का खौफ या कोई और दबाव?

कर्मचारियों का कहना है कि चोरी का मामला सामने आने के बाद गणना प्रक्रिया अधिक समय लेने वाली हो गई है, जिससे काम का बोझ बढ़ गया है। पहले दो पालियों में होने वाला गणना कार्य अब 10 घंटे की एक ही पाली में कराया जा रहा है और वेतन में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।

राम मंदिर चंदा चोरीः जांच के बीच आधे से अधिक गणनाकर्मियों ने दिया इस्तीफा, जांच का खौफ या कोई और दबाव?
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उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी की जांच के बीच चढ़ावे की गणना करने वाले आधे से अधिक कर्मियों ने इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि इसके बाद गणनाकर्मियों की संख्या घटकर करीब एक दर्जन रह गई है। जांच के बीच हुए इस घटनाक्रम से कई सवाल खड़े हो गए हैं।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सूत्रों के अनुसार, कथित गबन का मामला सामने आने के बाद जांच के डर से पहले ही चढ़ावे की गणना करने वाले केंद्र में कर्मचारियों की उपस्थिति कम हो गई थी। लगभग 40 गणनाकर्मियों में से केवल 15-20 ही नियमित रूप से ड्यूटी पर आ रहे थे।

सूत्रों ने बताया कि अब गणना कार्य से जुड़े लगभग 20 कर्मचारियों ने इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा देने वाले कर्मचारियों का कहना है कि कथित चोरी का मामला सामने आने के बाद चढ़ावे की गणना की प्रक्रिया अधिक समय लेने वाली हो गई है, जिससे काम का बोझ बढ़ गया है।

कर्मचारियों ने यह भी कहा कि पहले दो पालियों में होने वाला गणना कार्य अब एक ही पाली में कराया जा रहा है, जिसकी अवधि करीब नौ से 10 घंटे है। इसके बावजूद उनके वेतन में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि पहले चढ़ावे की गणना मेज-कुर्सियों पर बैठकर की जाती थी, लेकिन अब यह काम फर्श पर बैठकर कराया जा रहा है।


सूत्रों के अनुसार, चढ़ावे के गणना केंद्र पर सुरक्षा और निगरानी काफी कड़ी कर दी गई है। अब कर्मचारियों को भीतर प्रवेश से पहले कई बार तलाशी से गुजरना पड़ता है। उन्हें बिना जूते-चप्पल, मोबाइल फोन या किसी भी निजी सामान के ही अंदर जाने की अनुमति दी जाती है।मंदिर परिसर के भीतर भी विभिन्न सुरक्षा जांच बिंदुओं पर उनकी जांच की जाती है, जबकि पहले ट्रस्ट द्वारा जारी पहचान-पत्र ही प्रवेश के लिए पर्याप्त होता था।

सूत्रों ने बताया कि गणना प्रक्रिया की निगरानी के लिए चार कर्मियों की विशेष रूप से तैनाती की गई है। ट्रस्ट क्यूआर कोड युक्त डिजिटल सुरक्षा सुविधाओं वाले पहचान-पत्र, आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए समान वर्दी और प्रत्येक कर्मचारी की आवाजाही का रिकॉर्ड रखने के लिए डिजिटल प्रवेश-निकास प्रणाली लागू करने की भी तैयारी कर रहा है।


यह मामला श्रद्धालुओं के चढ़ावे को बैंक में जमा करने से पहले उसमें हेराफेरी किए जाने से जुड़ा है। अब तक इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सभी किसी न किसी रूप में मंदिर के चढ़ावे की गणना या उसके प्रबंधन से जुड़े थे। पुलिस की जांच और ट्रस्ट की आंतरिक समीक्षा एक साथ जारी है। इस बीच ट्रस्ट ने चढ़ावे के प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था और प्रक्रियाओं को और सख्त करने का दावा किया है।