राम मंदिर चढ़ावा चोरीः तीन आरोपियों को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया, बैंक खातों की होगी गहन जांच

पुलिस का कहना है कि आरोपियों के बैंक खातों से जुड़े लेनदेन की जांच के लिए रिमांड जरूरी थी। संदेह है कि मंदिर के चढ़ावे का कुछ हिस्सा विभिन्न सामानों की खरीद और अन्य कार्यों में इस्तेमाल किया गया है। ऐसे में बैंक रिकॉर्ड की जांच जरूरी है।

राम मंदिर चढ़ावा चोरीः तीन आरोपियों को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया, बैंक खातों की होगी गहन जांच
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उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले की एक अदालत ने राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में गिरफ्तार आठ आरोपियों में से तीन को मंगलवार को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। पुलिस के अनुसार, अदालत ने अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडे को पुलिस हिरासत में भेजा है। इससे पहले अदालत ने 29 जून को सभी आठ आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा था।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, पांच जुलाई को जेल में बंद पांच अन्य आरोपियों से पूछताछ के दौरान मिली नई जानकारियों से तीनों आरोपियों का सामना कराने के लिए उनसे हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता थी। पुलिस अब तीनों से पूछताछ कर चोरी की गई राशि, बैंक खातों में हुए लेनदेन और अन्य वित्तीय पहलुओं की जांच करेगी।

पुलिस का कहना है कि आरोपियों के बैंक खातों से जुड़े दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की पड़ताल के लिए रिमांड जरूरी थी। जांच एजेंसियों को संदेह है कि मंदिर के चढ़ावे का कुछ हिस्सा विभिन्न सामानों की खरीद और अन्य कार्यों में इस्तेमाल किया गया है। ऐसे में बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल लेनदेन की जांच से मामले से जुड़े नए तथ्य सामने आ सकते हैं।


जांच के दौरान पुलिस पहले ही आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में नकदी बरामद कर चुकी है। पुलिस के अनुसार, लवकुश मिश्रा के पास से 14.25 लाख रुपए, अनुकल्प मिश्रा के पास से 16.82 लाख रुपए और करूणेश पांडेय के पास से 18.07 लाख रुपए नकद बरामद किए गए हैं। अब पुलिस यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि इन रकम का स्रोत क्या है और इनका संबंध कथित चढ़ावा चोरी से है या नहीं।

सूत्रों के मुताबिक, रिमांड अवधि के दौरान पुलिस आरोपियों से बैंक खातों में जमा राशि, संपत्तियों की खरीद, नगदी के इस्तेमाल और अन्य संदिग्ध वित्तीय लेनदेन के संबंध में पूछताछ करेगी। करुणेश पांडेय के मामले में उसकी पत्नी के बैंक खाते में जमा 18 लाख रुपए को लेकर भी सवाल उठे हैं। पुलिस इस रकम के स्रोत की भी जांच करेगी।


वहीं, एसआईटी जांच में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय और रामाशंकर मिश्रा के खिलाफ प्रथमदृष्टया साक्ष्य मिलने के बाद मामला दर्ज किया गया था। जांच एजेंसियां अब पुलिस रिमांड के दौरान प्राप्त जानकारी और बैंक रिकॉर्ड के आधार पर मामले की आगे की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं। पुलिस का मानना है कि पूछताछ के दौरान कुछ और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं और मामले में अतिरिक्त बरामदगी की भी संभावना है। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच फिलहाल जारी है।

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