कुणाल कामरा के फ्लाइंग बैन पर डीजीसीए को फटकार, हाईकोर्ट ने कहा- पहले शिकायत की होनी चाहिए थी जांच

बीते महीने इंडिगो एयरलाइंस की उड़ान में पत्रकार अर्णब गोस्वामी से जबर्दस्ती बात करने की कोशिश पर मशहूर स्टैंडअप कॉमेडियन कुणाल कामरा के हवाई यात्रा पर एयरलाइनों द्वारा प्रतिबंधित लगाए जाने पर दिल्ली हाईकोर्ट ने डीजीसीए को फटकार लगाई है।

फोटोः सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

दिल्ली हाईकोर्ट ने चार एयरलाइनों द्वारा कॉमेडियन कुणाल कामरा पर फ्लाइंग बैन लगाने के लिए डीजीसीए को फटकार लगाई है। बैन के खिलाफ दायर कामरा की याचिका पर जस्टिस नवीन चावला की पीठ ने सुनवाई करते हुए डीजीसीए को जवाब दाखिल करने को कहा है। साथ ही पीठ ने कहा कि कामरा पर कार्रवाई करने से पहले उड्डयन विभाग को उनकी शिकायत को देखना चाहिए था।

दिल्ली हाईकोर्ट ने डीजीसीए को जवाब दाखिल करने के लिए गुरुवार तक का समय दिया है। हालांकि, कामरा पर लगे फ्लाइंग बैन को हटाने पर हाईकोर्ट ने फिलहाल कोई आदेश नहीं दिया है। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट को कामरा के वकील ने बताया कि अलग-अलग एयरलाइंस ने उनके क्लाइंट पर बिना किसी जांच के प्रतिबंध लगा दिया। यहां तक कामरा के खिलाफ विमान के पायलट ने भी कोई शिकायत नहीं दर्ज कराई थी।

बता दें कि चर्चित स्टैंड अप कॉमेडियन कुणाल ने बीते दिनों मुंबई से लखनऊ जाने वाली इंडिगो एयरलाइन के विमान में पत्रकार अर्णब गोस्वामी को घेर लिया था और उनका मजाक उड़ाते हुए एक वीडियो शूट किया और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद इंडिगो ने खुद से कामरा पर 6 महीने का प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद नागर विमानन मंत्री हरदीप पुरी ने बाकी एयरलाइंस से भी इसी तरह की कार्रवाई की अपील की थी, जिस पर एयर इंडिया, गो एयर और स्पाइस जेट ने भी अगली सूचना तक कामरा की हवाई यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया था।

इस एकतरफा कार्रवाई के खिलाफ कुणाल कामरा ने इंडिगो एयरलाइन को 25 लाख का नोटिस भेजते हुए मांग की थी कि इंडिगो अपने सस्पेंशन का फैसला वापस ले और उनसे बिना शर्त माफी मांगे। खुद के खिलाफ कार्रवाई पर कुणाल कामरा ने कहा था कि उनके लिए यह जरा भी चौंकाने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि बोलने की आजादी के अपने अधिकार का इस्तेमाल करने के लिए 3 एयरलाइन ने उनके हवाई यात्रा पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है। जबकि सच्चाई ये है कि मैंने विमान में सवार किसी यात्री की सुरक्षा को खतरे में नहीं डाला।

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