नागरिकता संशोधन विधेयक: राज्यसभा में वोटिंग के दौरान किस दल ने किया समर्थन और किसने किया विरोध, देखें यहां

नागरिकता संशोधन विधेयक राज्यसभा से भी पास हो गया। वोटिंग के दौरान विधेयक के पक्ष में 125 और विरोध में 105 वोट पड़े, जबकि शिवसेना ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया। आइए देखते हैं किस दल ने क्या वोटिंग की।

राज्यसभा टीवी ग्रैब
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नवजीवन डेस्क

मोदी सरकार द्वारा पेश विवादास्पद नागरिकता संशोधन विधेयक लोकसभा के बाद बुधवार को राज्यसभा से भी पास हो गया। गृहमंत्री अमित शाह ने दोपहर में करीब 12 बजे इस बिल को राज्यसभा में पेश किया। इसके बाद करीब 7 घंटे पक्ष और विपक्ष के बीच हुई बहस के बाद वोटिंग के आधार पर राज्यसभा में बिल पास हो गया। विधेयक के समर्थन में 125 वोट पड़े जबकि विपक्ष में 105 वोट पड़े।

इस बिल पर वोटिंग से पहले ही शिवसेना सदस्यों ने सदन से वॉकआट कर दिया था और वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया। राज्यसभा में मोदी सरकार को यह बिल पास कराने के लिए 121 सदस्यों का समर्थन चाहिए था, क्योंकि वर्तमान में राज्यसभा के सदस्यों की संख्या 240 है। बीजेपी के अपने 83 सांसद हैं, इस तरह उसे बाकी दलों का भी समर्थन इस बिल को पास कराने के लिए मिला।

आइए देखते हैं किस दल ने बिल के समर्थन और विरोध में वोट किया:

नागरिकता संशोधन विधेयक: राज्यसभा में वोटिंग के दौरान किस दल ने किया समर्थन और किसने किया विरोध, देखें यहां

बीजेपी के 83 सदस्यों के अलावा नवीन पटनायक की बीजू जनता दल (बीजेडी) के 7, शिरोमणि अकाली दल के 3, एआईएडीएमके के 11, जेडीयू के 6 और एलजेपी के एक सदस्य को अलावा 4 नामित सदस्यों के साथ ही सिक्किम के अलावा कांग्रेस को छोड़कर उत्तर पूर्व के सभी सांसदों ने बिल के समर्थन में वोट दिया।

शिवसेना ने नागरिकता संशोधन विधेयक पर वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया। वहीं बिल के खिलाफ कांग्रेस के 46 और तृणमूल कांग्रेस के 13 सांसदों के अलावा समाजवादी पार्टी के 9, बीएसपी के 4, वामदलों और टीआरएस के 6-6, आम आदमी पार्टी के 3 और आरजेडी के 4 सांसदों के अलावा 9 अन्य सदस्यों ने वोट दिया।

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