प्रचार और पीआर के लिए बुलाया संघ ने प्रणब मुखर्जी को, या मकसद कुछ और है !

प्रणब मुखर्जी को अपने स्वंय सेवकों के दीक्षांत समारोह में बुलाकर आरएसएस का मकसद जो भी रहा हो, लेकिन इस पूरे आयोजन के प्रचार और पीआर में तो उसे जबरदस्त कामयाबी हासिल हुई है। अखबारों में लेख हैं, ट्विटर पर हलचल है, टीवी स्टूडियो सजे हुए हैं। लाइव हो रहा है

फोटो : सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

अब इस बात में कोई शक नहीं रह गया है कि आरएसएस के नागपुर मुख्यालय में पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी को संघ के प्रचार के लिए ही बुलाया गया था। एक शानदार पीआर एक्सरसाइज़ की तरह ट्विटर पर जबरदस्त हलचल है, संघ के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने अखबारों में लेख लिखे और यह साबित करने की कोशिश की कि प्रणब मुखर्जी को संघ के कार्यालय में बुलाया जाना दिखाता है कि संघ कितना लोकतांत्रिक है। टीवी चैनलों में तो मानो होड़ सी लगी है, इस आयोजन को कवर करने की, सभी चैनलों के स्टूडियो सजे हैं, पैनलिस्ट जमे हैं बहस हो रही है। उन लोगों की खुलकर आलोचना हो रही है जो प्रणब मुखर्जी के इस कदम के विरोध में सामने आए हैं।

लेकिन, इस सबके बावजूद कट्टर संघ समर्थकों को भी किसी बड़े आदमी का नाम याद नहीं आ रहा जो संघ के इस कथित दीक्षांत समारोह में गया हो। हां, इतना जरूर है कि प्रणब मुखर्जी पहले बंगाली नहीं हैं इस आयोजन में शामिल होने वाले। उनसे पहले 2016 में रतिनदेव सेनगुप्ता भी यहां जा चुके हैं। और, पिछले साल तो इस कार्यक्रम में नेपाल के सेनाध्यक्ष जनरल रुकमंगुड़ कटवाल गए थे।

इस पूरी प्रचार व्यवस्था को क्यों इतना सजाया-चमकाया गया, यह भी आसानी से समझ आने वाली बात है। पंजाब के बड़े अखबारों में शामिल पंजाब केसरी के मालिक अश्विनी कुमार और विजयवाड़ा के उद्योगपति डॉ गंगा राजू भी इससे पहले इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रह चुके हैं। इसके अलावा श्री श्री रविशंकर और असम के पूर्व मुख्य सचिव जे पी राजखोवा भी इस कार्यक्रम में आ चुके हैं।

प्रणब मुखर्जी के इस कार्यक्रम की आलोचना अहमद पटेल जैसे वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं और उनकी बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी तक कर चुकी हैं। उनका मानना है कि प्रणब मुखर्जी एक विभाजनकारी संगठन को मान्यता दे रहे हैं। लेकिन इस सबसे अविचलित प्रणब मुखर्जी ने संघ मुख्यालय में संघ संस्थापक के बी हेडगेवार को पुष्पांजलि अर्पित की। उनके साथ संघ प्रमुख मोबन भागवत भी थे।

 प्रचार और पीआर  के  लिए बुलाया संघ ने प्रणब मुखर्जी को, या मकसद कुछ और है !

उन्होंने हेडगेवार को पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद विजिटर बुक में लिखा, “मैं यहां भारत माता के महान सपूत को श्रद्धांजलि अर्पित करने आया हूं।”

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