पॉजिटिव आने वालों की दोबारा RT-PCR जांच नहीं होगी, ICMR की नई एडवाइजरी, लैब पर बढ़ता बोझ कारण

इसके साथ ही आईसीएमआर ने नई गाइडलाइंस में कहा है कि अंतरराज्यीय घरेलू यात्रा करने वाले स्वस्थ व्यक्तियों के लिए आरटी-पीसीआर जांच की अनिवार्यता को पूरी तरह से हटाया जा सकता है। आईसीएमआर ने इसका कारण प्रयोगशालाओं पर भार को कम करना बताया है।

फोटोः IANS
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नवजीवन डेस्क

देश में कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई में अहम सलाहकार की भूमिका निभा रहे भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने मंगलवार को कोरोना जांच को लेकर नई एडवाइजरी जारी की है। ताजा निर्देशों में कहा गया है कि रैपिड एंटीजन या आरटी-पीसीआर जांच में पॉजिटिव आने वाले किसी भी व्यक्ति की दोबारा से आरटी-पीसीआर जांच नहीं होनी चाहिए।

इसके साथ ही आईसीएमआर ने नई गाइडलाइंस में कहा है कि अंतरराज्यीय घरेलू यात्रा करने वाले स्वस्थ व्यक्तियों के लिए आरटी-पीसीआर जांच की अनिवार्यता को पूरी तरह से हटाया जा सकता है। आईसीएमआर ने कहा कि जरूरी कारणों से यात्रा करने वाले सभी गैर लक्षण वाले लोगों को कोरोना अनुरूप व्यवहार का जरूर पालन करना चाहिए।

आईसीएमआर ने इसका कारण प्रयोगशालाओं पर भार को कम करना बताया है। पॉजिटिव आए लोगों की दोबारा जांच पर रोक का निर्देश भी लैब पर दबाव को कम करने के लिए उठाया गया कदम माना जा रहा है। आईसीएमआर और अन्य विशेषज्ञों की राय है कि हल्के संक्रमण की स्थिति में रोगी में 7 से 10 दिनों में वायरस का प्रकोप खत्म हो जाता है, ऐसे में आरटी-पीसीआर जांच कराने की कोई आवश्यकता नहीं रह जाती है।

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