सबरीमाला: महिलाओं के प्रवेश का विरोध करने वाले प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई, 2 दिन में 2 हजार गिरफ्तार

सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। केरल पुलिस ने दो दिनों के अंदर 2 हजार से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है, इन लोगों पर हिंसा और लोगों को भड़काने का आरोप है।

फोटो: सोशल मीडिया
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आईएएनएस

केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश बाधित करने वाले प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई करते हुए महज दो दिनों में 2,000 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस महानिदेशक लोकनाथ बेहरा ने बताया कि पिछले 12 घंटों में पथनामथित्ता जिले के 700 से ज्यादा लोग साथ ही तिरुवनंतपुरम, कोझिकोड, एनार्कुलम और अन्य स्थानों से प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है। जब से मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने पुलिस अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर गुरुवार को कार्रवाई शुरू करने के आदेश दिए, तब से राज्य भर में अबतक 2,061 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। विजयन 29 अक्टूबर को पुलिस अधिकारियों के साथ सबरीमाला प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की समीक्षा करेंगे।

सुप्रीम कोर्ट के 28 सितंबर के आदेश की अवहेलना करने के आरोप में 2,300 लोगों के खिलाफ कुल 452 मामले दर्ज किए गए हैं। कोर्ट ने अपने फैसले में सभी उम्र की महिलाओं को मंदिर जाने की अनुमति दी थी।

लोकनाथ बेहरा ने कहा, “मामलों को उसी तरह से दर्ज किया गया है, जिस तरह से किया जाना चाहिए। हमने यह देखने के लिए एक विशेष समिति भी स्थापित करने का निर्णय लिया है कि आने वाले त्योहार के मौसम (17 नवंबर से दो महीने के लिए शुरू) अक्टूबर में दोबारा ऐसी स्थिति न बने।” यह सुनिश्चित करने के लिए कि जेलों में ज्यादा भीड़ नहीं हो, गिरफ्तार लोगों में से कम से कम 1,500 लोगों को जमानत पर रिहा कर दिया गया है। बाकी को विभिन्न जेलों में भेज दिया गया है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद 17 अक्टूबर को पहली बार भगवान अयप्पा का मंदिर खुलने के बाद पुलिस द्वारा पुलिस, मीडिया और तीर्थयात्रियों पर हमला करने वाले 200 से ज्यादा लोगों की तस्वीरें जारी करने के बाद गिरफ्तारियां सुनिश्चित हुईं। कांग्रेस नेता रमेश चेनिथला ने शुक्रवार को विजयन पर सबरीमाला को लड़ाई के मैदान में बदलने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री अनावश्यक रूप से भक्तों को परेशान करने लिए माकपा कार्यकर्ताओं की तैनाती करके अप्रिय परिस्थितियां बनाने की कोशिश कर रहे हैं।”

पिछले सप्ताह की घटनाओं के बाद, तीर्थयात्रियों की संख्या और राजस्व में भारी कमी आई है।

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