संजय राउत बोले- भगवान राम के आशीर्वाद से सत्ता में आई BJP, अब राम के श्राप से ही सत्ता से होगी बाहर
संजय राउत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस सरसंघचालक मोहन भागवत से पूछना चाहता हूं कि ये लोग एक अक्षर इस पर क्यों नहीं बोल रहे हैं, जबकि राम मंदिर में इतने दिनों से पैसा चोरी हो रहा था।

शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने राम मंदिर चंदा विवाद को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि यह सरकार भगवान राम के आशीर्वाद से आई है और राम के श्राप से ही सत्ता से बाहर हो जाएगी।
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने प्रेसवार्ता में कहा, "मैंने देखा कि आम आदमी पार्टी के हमारे साथी संजय सिंह ने एक बहुत जरूरी बात कही। संजय सिंह ने कहा कि जब भगवान राम वनवास पर गए थे, तो भरत ने उनकी खड़ाऊं की रक्षा की थी, लेकिन बीजेपी के लोगों ने खुद ही भगवान राम की खड़ाऊं चुरा ली हैं।"
उन्होंने कहा कि बीजेपी के राज में राम का ही अस्तित्व मिटा दिया गया है, उनके दानपेटी से पैसा चोरी कर लिया जा रहा है और इसको देखने वाला कोई नहीं है। राम मंदिर ट्रस्ट में लगभग 500 करोड़ का घोटाला हुआ है। राम मंदिर से सोना, चांदी और चढ़ावे में आए सभी चीजों को गायब कर दिया है। यह सरकार भगवान राम के आशीर्वाद से आई है और राम के श्राप से ही जाएगी।"
संजय राउत ने कहा कि एसआईटी जांच से कुछ नहीं होने वाला है क्योंकि जिन्होंने घोटाला किया है, वो कोई और नहीं बल्कि बीजेपी के लोग ही हैं। रिपोर्ट को ये लोग दबा देंगे, जिससे सच्चाई सामने नहीं आने वाली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस सरसंघचालक मोहन भागवत से पूछना चाहता हूं कि ये लोग एक अक्षर इस पर क्यों नहीं बोल रहे हैं जबकि राम मंदिर में इतने दिनों से पैसा चोरी हो रहा था।
उन्होंने कहा कि यहीं लोग कहते थे कि पहले के शासकों ने भारत के मंदिरों को लूटा था अब वही काम ये लोग कर रहे हैं लेकिन सरकार चुप्पी साधे हुए बैठी है।
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने सोमवार को लोकसभा सांसद ओमराजे निंबालकर पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें "कुख्यात गद्दार" करार दिया और यह भी दावा किया कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का इस्तेमाल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को कमजोर करने के लिए किया जा रहा है। संजय राउत ने दावा किया कि दलबदलुओं के पास कोई वैचारिक आधार नहीं होता और वे पूरी तरह से अपने स्वार्थ से प्रेरित होते हैं।
संजय राउत ने कहा, "क्या गद्दारों का कभी कोई स्टैंड होता है? उद्धव ठाकरे का साथ छोड़ने वाले कुख्यात गद्दार हैं। अगर ओम निम्बालकर को लगता है कि इस कदम के लिए उनके पिता की आत्मा उन्हें आशीर्वाद देगी तो यह उनकी अपनी जिम्मेदारी है। अब वे उन्हीं लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर बैठे हैं जिन पर वे सालों से आरोप लगाते आ रहे थे। यह बेशर्मी और लालच की पराकाष्ठा है।"
अपनी पार्टी के बागी सांसदों पर शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने कहा, "गद्दारों की कोई विचारधारा नहीं होती। ओमराजे (निंबालकर) एक कुख्यात गद्दार हैं। शिवसेना को तोड़ना महाराष्ट्र को तोड़ने जैसा है। उद्धव ठाकरे जानते हैं कि ओमराजे को सबसे पहले 15 करोड़ रुपये किसने दिए थे। धाराशिव में जो विकास दिख रहा है, वह पिछली सरकारों के कार्यकाल में हुआ था। सिर्फ चीनी मिलें लगाने से विकास नहीं होता बल्कि विकास सामूहिक प्रयासों से होता है। अगर किसी सांसद को लगता है कि 100 करोड़ रुपये अपनी जेब में डालना ही विकास है, तो यह गलत सोच है।"
