'डायरी ऑफ महाराष्ट्र खोखा' पर फिल्म बनाएंगे संजय राउत, बताएंगे कैसे गिराई गई MVA सरकार

संजय राउत ने कहा कि 'द केरल स्टोरी' या 'द कश्मीर फाइल्स' जैसी फिल्में पहले ही आ चुकी हैं। इसलिए अब मैं उद्धव ठाकरे की सरकार गिराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले 'खोखा' पर एक वास्तविक कहानी लाने की योजना बना रहा हूं।

'डायरी ऑफ महाराष्ट्र खोखा' पर फिल्म बनाएंगे संजय राउत
'डायरी ऑफ महाराष्ट्र खोखा' पर फिल्म बनाएंगे संजय राउत
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नवजीवन डेस्क

शिवसेना (उद्धव गुट) के सांसद संजय राउत ने शुक्रवार को ऐलान किया कि जिस तरह महाराष्ट्र में जून 2022 में 'खोखा' (स्थानीय बोलचाल में करोड़ रुपये) का लालच देकर तत्कालीन महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार गिराई गई, वह उस पर एक फीचर फिल्म बनानने की योजना बना रहे हैं। संजय राउत ने कहा कि फिल्म का शीर्षक 'डायरी ऑफ महाराष्ट्र खोखा' होगा और वादा किया कि यह सिल्वर स्क्रीन पर आने वाली 'ऐतिहासिक फिल्म' होगी।

संजय राउत ने कहा, 'द केरल स्टोरी' या 'द कश्मीर फाइल्स' जैसी फिल्में पहले ही आ चुकी हैं। इसलिए अब मैं यहां राज्य सरकार गिराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले 'खोखा' पर एक वास्तविक कहानी लाने की योजना बना रहा हूं। राउत ने शरारत भरी मुस्कान के साथ कहा कि वह फिल्म निमार्ता विवेक अग्निहोत्री को इस काम के लिए रख सकते हैं, फिल्म में लोग कम और 'खोखा' ज्यादा दिखेंगे।


पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की एमवीए सरकार के घटक रहे कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और शिव सेना (यूबीटी) ने आरोप लगाया था कि उद्धव के नेतृत्व वाली तत्कालीन शिवसेना के 40 विधायकों को तोड़ने के लिए कम से कम 50 खोखा (50 करोड़ रुपये) का भुगतान किया गया था। जून 2022 में उद्धव के करीबी रहे एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना के 35 से ज्यादा विधायक और कुछ सांसद अचानक गुवाहाटी चले गए थे और खुद के असली शिवसेना होने का दावा किया था। इसके बाद उद्धव ठाकरे ने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था।

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना पर हमला करते हुए संजय राउत ने कहा कि शिंदे पार्टी भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन करने के लिए अभिशप्त है। राउत ने भविष्यवाणी करते हुए कहा कि शिंदे ग्रुप कोई पार्टी नहीं है, बल्कि बीजेपी का मुर्गीबाड़ा है और एक ही बार में उनकी बलि दे दी जाएगी.. फिर, 'कॉक-कॉक, कॉक-कॉक' नहीं रहेगा.. यह जल्द ही होगा।

एक प्रश्न के उत्तर में शिवसेना (यूबीटी) के मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि नए संसद भवन के उद्घाटन का बहिष्कार करने का उनकी पार्टी का निर्णय सिद्धांतों पर आधारित है और लोकतंत्र को बचाने के लिए है। राउत ने कहा, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति को इस आयोजन में नजरअंदाज किया गया है.. यह सही नहीं है.. हमने इस मुद्दे पर सैद्धांतिक रुख अपनाया है।

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