SBI ने गरीबों से लूटे 164 करोड़ रुपये? राहुल गांधी बोले- कौन है जो जन का धन ‘खाता’ जा रहा है

एक रिपोर्ट में कहा गया है कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने गरीबों के जन धन खाता धारकों के अकाउंट से 164 करोड़ रुपये वसूले थे लेकिन ये उनको अब तक नहीं लौटाए गए हैं।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

कांग्रेस नेता राहुल गांधई ने मोदी सरकार पर एसबीआई द्वारा लोगों के पैसे वसूलने के आरोप में हमला बोला है। राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा है कि कौन है जो जन का धन ‘खाता’ जा रहा है?। आपको बता दें, राहुल गांधी ने ट्विटर पर एक स्क्रीन शॉट भी शेयर किया है। दरअसल, इस ट्विट के स्क्रीनशॉट के अनुसार, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने गरीबों के जन धन खाता धारकों के अकाउंट से 164 करोड़ रुपये वसूले थे लेकिन ये उनको अब तक नहीं लौटाए गए हैं।

बता दें कि गरीबों को बैंकिंग सुविधा से जोड़ने के इरादे से शुरु की गई प्रधानमंत्री जनधन योजना के खाताधारकों से एसबीआई वर्ष 2017 से 2019 के बीच चार से अधिक डिजिटल लेन-देन पर हर बार 17.70 रुपए शुल्क वसूला। इस दौरान बैंक ने करीब 164 करोड़ रुपए कमाए। हीं इस मामले में सामने आई आईआईटी बॉम्बे की एक रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि एसबीआई ने गरीबों के जन धन खातों से 164 करोड़ रुपये वसूले। रिपोर्ट बताती है कि बैंक ने शुल्क वसूलते वक्त जनधन खातों से जुड़ी शर्त का उल्लंघन किया है।

इस रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि ऐसा करते हुए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने भारतीय रिजर्व बैंक के उन मानकों को भी तोड़ा जिनमें अकाउंट के साथ नई सेवाएं जोड़ने के लिए वसूले जाने वाले शुल्क को रिजनेबल यानी न्यायसंगत रखने की ताकीद की गई थी। आईआईटी बॉम्बे की इस रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआत में जनधन खाताधारकों को महीने में 4 से अधिक ट्रांजेक्शन की अनुमति नहीं दी थी लेकिन इसके बावजूद एसबीआई ने ऐसा किया। नियमों में बदलाव कर एसबीआई ने दूसरे बैंकों से उलट 4 से अधिक डिजिटल लेन-देन की अनुमति दे डाली। लेकिन, हर गरीबों के हर ट्रांजेक्शन पर 17.70 रुपए वसूले। यानी कोई जनधन खाताधारक यूपीआई से महीने में चार ट्रांजेक्शन के बाद 15 रुपए की खरीदी भी कर रहा था तो उसके खाते से 17.70 रुपए काटे जा रहे थे।

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