केरल: चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस सांसद शशि थरूर के काफिले पर हमला, गनमैन को पीटा, पुलिस ने दो को हिरासत में लिया

शशि थरूर अनील कुमार के समर्थन में प्रचार करने मलप्पुरम पहुंचे थे। इसी दौरान अचानक एक वाहन से कुछ युवक उतरे और उन्होंने थरूर के काफिले को आगे बढ़ने से रोक दिया। युवकों ने उनकी गाड़ी के शीशों पर जोर-जोर से हाथ मारा।

फोटो: सोशल मीडिया
i
user

नवजीवन डेस्क

कांग्रेस सांसद शशि थरूर के काफिले पर केरल में उस समय हमला हो गया, जब वे चुनाव प्रचार के सिलसिले में मलप्पुरम जिले पहुंचे हुए थे। बताया जा रहा है कि कुछ अज्ञात लोगों ने उनके काफिले को रास्ते में रोक लिया और उनके साथ मौजूद सुरक्षाकर्मी के साथ मारपीट भी की। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो संदिग्धों को हिरासत में ले लिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शशि थरूर यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के प्रत्याशी एपी अनील कुमार के समर्थन में प्रचार करने मलप्पुरम पहुंचे थे। इसी दौरान अचानक एक वाहन से कुछ युवक उतरे और उन्होंने थरूर के काफिले को आगे बढ़ने से रोक दिया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि युवकों ने उनकी गाड़ी के शीशों पर जोर-जोर से हाथ मारकर विरोध जताया, जिससे मौके पर तनाव का माहौल बन गया।

स्थिति को देखते हुए थरूर के गनमैन तुरंत वाहन से बाहर आए और युवकों को हटाने की कोशिश की। इसी दौरान कहासुनी हाथापाई में बदल गई और सुरक्षाकर्मी के साथ मारपीट की गई। इस घटना को वीआईपी सुरक्षा में गंभीर चूक माना जा रहा है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई करते हुए दो लोगों को हिरासत में ले लिया है और आगे की जांच जारी है।

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पोस्ट किया, "कल रात हुई उस दुर्भाग्यपूर्ण घटना को लेकर चिंता जताने वाले सभी संदेशों और कॉल्स से मैं सचमुच भावुक हो गया हूँ, जब मेरे सुरक्षा गार्ड पर हमला हुआ था। वह अब ठीक है और मुझे कोई चोट नहीं आई है। सभी दोस्तों और शुभचिंतकों का धन्यवाद। कल हम बिना किसी डर के आगे बढ़े और योजना के अनुसार दो और कार्यक्रम पूरे किए। और हमारा चल रहा कार्यक्रम भी अप्रभावित रहा।"

बता दें कि केरल विधानसभा की 140 सीटों के लिए 9 अप्रैल को वोटिंग होनी है, जबकि मतगणना 4 मई को होगी। राज्य में मुख्य मुकाबला तीन प्रमुख गठबंधनों सीपीआईएम के नेतृत्व वाला एलडीएफ, कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ और भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए के बीच माना जा रहा है। पिछले विधानसभा चुनाव में एलडीएफ ने 99 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया था, जबकि यूडीएफ को 41 सीटों से संतोष करना पड़ा था। इस बार भी राज्य में त्रिकोणीय मुकाबले को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हैं।

Google न्यूज़नवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia