मध्य प्रदेश में मूकदर्शक बनी शिवराज सरकार, 4 दिनों से पानी के लिए किसानों का आमरण अनशन 

मध्य प्रदेश के श्योपुरकलां जिले के विजयपुर क्षेत्र में गहराए जल संकट और सिंचाई परियोजना की मंजूरी की मांग को लेकर 16 किसान आमरण अनश्न पर बैठे हुए है।

फोटों: सोशल मीडिया 
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आईएएनएस

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मध्य प्रदेश के श्योपुरकलां जिले के विजयपुर क्षेत्र में गहराए जल संकट और सिंचाई परियोजना की मंजूरी की मांग को लेकर 16 किसान 5 मार्च से आमरण अनश्न पर बैठे हुए है। न तो सरकार उनकी सुन रही है और न ही स्थानीय प्रशासन।

8 मार्च को इस मामले पर विधानसभा में विधायक रामनिवास रावत ने ध्यानाकर्षण के जरिए उठाया। इस पर जल संसाधन मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने राज्य में बढ़ी सिंचाई क्षमता का हवाला दिया।

रामनिवास रावत ने ध्यानाकर्षण के जरिए बताया कि विजयपुर क्षेत्र में खेती पूरी तरह वर्षा आधारित है। बीते 4-5 वर्षो में हुईकम बारिश की वजह से यहां के जलस्त्रोत सूख चुके हैं और जलस्तर 600 फुट तक नीचे चला गया है। यहां की समस्या के निदान के लिए चेटीखेड़ा बांध की स्वीकृति की लगातार मांग की जा रही है। इस परियोजना के लिए अनुदान मांगों के समय जल संसाधन मंत्री द्वारा बजट की स्वीकृति दी गई। उसके बाद भी प्रशासकीय स्वीकृति लंबित है।

उन्होंने ने बताया कि यहां के किसान लगातार परियोजना के लिए आंदोलनरत हैं। पहले भूख हड़ताल की और अब 5 मार्च से 16 किसान आमरण-अनशन पर बैठे हुए हैं। जल संसाधन मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने अपने जवाब में कहा कि राज्य में सिंचाई क्षमता बढ़कर 42 लाख हेक्टेयर हो गई है।

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Published: 09 Mar 2018, 10:55 AM