पीएम की सुरक्षा में चूक मामले पर राजनीति कर रहे हैं शिवराज, जांच रिपोर्ट आने तक ओछी बयानबाजी से बचें- कमलनाथ

कमलनाथ ने कहा कि शिवराज चौहान को जांच रिपोर्ट आने का इंतजार करना चाहिए लेकिन ऐसा लग रहा है कि अपनी कुर्सी बचाने और नंबर बढ़ाने के लिए वह कुछ ज्यादा ही उतावलापन दिखा रहे हैं। मौजूदा जांच के बीच मनगढ़ंत और झूठे राजनीतिक आरोप लगाने से उन्हें बचना चाहिये।

फोटोः सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

पंजाब यात्रा के दौरान पीएम मोदी की सुरक्षा में कथित चूक के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा जांच कमेटी गठित करने के बावजूद बीजेपी की तरफ से बयानबाजी जारी है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने एक बार फिर इस घटना को साजिश बताया है। वहीं इस बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने शिवराज सिंह पर राजनीति करने का आरोप लगाया है। साथ ही, जांच रिपोर्ट आने से पहले उन्हें बयानबाजी से बचने की नसीहत दी है।

दरअसल प्रधानमंत्री मोदी पांच जनवरी को पंजाब के फिरोजपुर में रैली के लिए गए थे, इस दौरान उन्होंने अचानक पहले से तय हवाई यात्रा के कार्यक्रम को बदलकर सड़क मार्ग से जाने का फैसला ले लिया। इसी यात्रा के दौरान करीब 100 किमी रास्ता तय कर लेने के बाद अचानक कुछ किसान उनके मार्ग में आ गए और रास्ता जाम कर दिया। इस प्रदर्शन से एक किलोमीटर पहले ही पीएम का काफिला रोकना पड़ गया। इसके बाद पीएम ने वहीं से वापस दिल्ली लौटने का फैसला ले लिया। इसके बाद से बीजेपी पंजाब सरकार पर पीएम की सुरक्षा में चूक करने का आरोप लगा रही है।


इन आरोपों के बीच सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की जांच के लिए रिटायर्ड जस्टिस की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित की है। लेकिन इसके बावजूद इस पर सियासत जारी है। मध्य प्रदेश के सीएम चौहान पंजाब में जो हुआ उसे चूक मानने केा तैयार ही नहीं हैं, वे तो साजिश की आशंका जताते हुए कांग्रेस हाईकमान को भी कटघरे में खड़ा कर रहे है। चौहान ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से इस मामले में कई सवाल पूछे हैं। साथ ही कहा है कि इस मामले से कांग्रेस हाई कमान के भी तार जुड़ते नजर आ रहे हैं।

मुख्यमंत्री चौहान के इस बयान पर कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने पलटवार करते हुए कहा, "पंजाब के फिरोजपुर की घटना की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने विगत दिनों पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक पांच सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र और पंजाब सरकार द्वारा गठित अलग-अलग समितियों की समांतर जांच पर भी रोक लगा दी है। जब यह जांच समिति इस पूरे मामले की जांच कर रही है, तो चलती जांच के दौरान राजनैतिक आरोप-प्रत्यारोप उचित नहीं है।"


कमल नाथ ने आरेाप लगाया है कि " मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह इस मामले में सिर्फ राजनीति कर रहे हैं। उनके पास पंजाब की इस घटना के संबंध में यदि कोई तथ्य और प्रमाण हैं तो उन्हें उसे लेकर जांच समिति के समक्ष उपस्थित होना चाहिए और समिति के समक्ष तथ्य और प्रमाण रखना चाहिए लेकिन सिर्फ किसी भी मीडिया रिपोर्ट के आधार पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप लगाना उचित नही है।"

कमल नाथ ने आगे कहा, चौहान को जांच के निष्कर्षों और जांच रिपोर्ट आने का इंतजार करना चाहिए लेकिन ऐसा लग रहा है कि अपनी कुर्सी बचाने और नंबर बढ़ाने के लिए वह कुछ ज्यादा ही उतावलापन दिखा रहे हैं। मौजूदा जांच के बीच वो कांग्रेस पर मनगढ़ंत और झूठे राजनीतिक आरोप लगा रहे हैं, उन्हें इससे बचना चाहिये।

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