दिल्ली के बाद हरियाणा में रोहिंग्या मुसलमानों की झुग्गियां जलकर खाक, नूह में 57 परिवार बेघर

सामाजिक कार्यकर्ताओं की मांग है कि सरकार की ओर से इन रोहिंग्या मुसलमानों को जल्द से जल्द आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए। हालांकि, कुछ लोगों का मानना है कि रोहिंग्या मुसलमान अस्थायी तौर पर वहां रह रहे थे इसलिए सरकारी स्तर पर उनकी सहायता सम्भव नहीं है।

फोटो: सोशल मीडिया 
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हरियाणा के नूंह जिले के फिरोजपुर गांव में पिछले कुछ सालों से अस्थायी तौर पर सैंकड़ों रोहिंग्या मुसलमानों की झुग्गियां जलकर खाक हो गयीं। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि 27 मई की दोपहर बिजली के शार्ट सर्किट के कारण रोहिंग्या मुसलमानों की 57 अस्थायी झुग्गियां जल कर खाक हो गयी हैं। हिंसा की वजह से बड़ी संख्या में म्यांमार से पलायन करने वाले रोहिंग्या मुसलमान भारत में कई जगहों पर शरणार्थी के तौर पर रह रहे हैं।

मिली जानकारी के अनुसार रोहिंग्या मुसलमानों के सैकड़ों परिवार कुछ सालों से फिरोजपुर में अस्थायी तौर पर रहे हैं। उनकी झुग्गियों के पास से ही बिजली की लाइन जा रही है। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि उन तारों में शॉर्ट सर्किट होने की वजह से उनकी झुग्गियों में आग लग गई। आग की वजह से 57 झुग्गियों में रखा लाखों का सामान जलकर खाक हो गया। इस दौरान आसपास से मौके पर पहुंचे लोग पानी की किल्लत की वजह से आग बुझाने में सफल नहीं हो पाए और मजबूरन तमाशबीन बनकर देखते रहे। बताया जा रहा है कि आग इतनी भीषण थी कि कोई आग के पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। घटना की खबर मिलने के बाद पुलिस और दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और दो घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।

दिल्ली के बाद हरियाणा में रोहिंग्या मुसलमानों की झुग्गियां जलकर खाक, नूह में  57 परिवार बेघर

इस घटना के बाद रोहिंग्या मुसलमानों के सामने सबसे बड़ी समस्या अपना गुजर-बसर करने की है। पहले से ही हिंसा की मार से पलायन करने को मजबूर हुये ये रोहिंग्या मुसलमान घोर असुविधाओं का सामना करते हुए किसी तरह अपना गुजारा कर रहे थे, और अब इस घटना ने तो सैंकड़ों की संख्या में उन्हें खुले आसमान के नीचे ला दिया है। सामाजिक कार्यकर्ताओं की मांग है कि सरकार की ओर से इन रोहिंग्या मुसलमानों को जल्द से जल्द आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए। हालांकि, कुछ लोगों का मानना है कि रोहिंग्या मुसलमान अस्थायी तौर पर वहां रह रहे थे इसलिए सरकारी स्तर पर उनकी सहायता सम्भव नहीं है।

इससे पहले 15 अप्रैल को दिल्ली के कालिंदीकुंज के पास रोहिंग्या मुसलमानों के एक शरणार्थी कैंप में आग लग गई थी। आग में 200 से ज्यादा झुग्गियां जलकर खाक हो गयी थीं। इस आग में इन शरणार्थियों का सब कुछ जलकर खाक हो गया था। जिसके बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग इन बेघर हुए रोहिंग्या मुसलमानों की मदद के लिये आगे आए थे।

फोटोः सोशल मीडिया
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15 अप्रैल को दिल्ली में बेघर हुए रोहिंग्या मुसलमान 

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Published: 28 May 2018, 3:08 PM