दिल्ली पर झपटमारों का राज: घर के बाहर फोन पर बात कर रहे थे मजिस्ट्रेट साहब, झपटमार ले उड़े मोबाइल

तीन-चार दिन पहले जिस उत्तरी दिल्ली जिले में प्रधानमंत्री की भतीजी को झपटमारों ने निशाना बनाया था, उसी उत्तरी जिले में बेखौफ झपटमारों ने अब मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट पर ही झपट्टा मार दिया।

फोटो : सोशल मीडिया
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आईएएनएस

स्कॉटलैंड स्टाइल में काम करने का दम भरने वाली और अत्याधुनिक तकनीक व हथियारों से सजी-धजी राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की पुलिस झपटमारों के सामने लाचार दिख रही है। तीन-चार दिन पहले जिस उत्तरी दिल्ली जिले में प्रधानमंत्री की भतीजी को झपटमारों ने निशाना बनाया था, उसी उत्तरी जिले में बेखौफ झपटमारों ने अब न्याय के एक देवता यानी मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट पर ही झपट्टा मार दिया। वारदात मजिस्ट्रेट के घर के ठीक सामने हुई। जिला पुलिस अब झपटमार को तलाशने के नाम पर अंधेरे में हाथ-पांव मार रही है।

मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट के साथ झपटमारी की घटना सोमवार रात करीब आठ बजे उत्तरी दिल्ली जिले के कमला मार्केट इलाके में घटी। वारदात के वक्त मजिस्ट्रेट, परिवार के साथ कहीं से रात्रि-भोज करके लौट रहे थे। घर के बाहर पहुंचने पर मजिस्ट्रेट मोबाइल पर किसी से बात करने लगे।

अचानक सफेद स्कूटी पर सवार दो बदमाश मौके पर पहुंचे और मजिस्ट्रेट के हाथ में मौजूद कीमती मोबाइल झपट कर भाग गए। इस घटना से परेशान हाल पीड़ित मजिस्ट्रेट ने झपटमारी की खबर दिल्ली पुलिस को दी। पीड़ित चूंकि दिल्ली की एक अदालत के मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट थे, इसलिए उत्तरी जिले के तमाम आला-अफसरान से लेकर इलाका थाना एसएचओ तक मौके पर जा पहुंचे।

इस सिलसिले में उत्तरी दिल्ली जिले की पुलिस उपायुक्त मोनिका भारद्वाज ने आईएएनएस को बताया, "केस दर्ज कर लिया गया है। झपटमारों की तलाश जारी है।"

उल्लेखनीय है कि कई महीने से जिस तरह देश की राजधानी में झपटमारी की ताबतोड़ वारदातें हो रही हैं, उससे दिल्ली पुलिस की कार्य-प्रणाली ही संदेह के घेरे में आ गई है। आए-दिन सड़क पर हो रही झपटमारी की घटनाओं से आजिज पुलिस ने जिम्मेदारी से बचने का कथित अचूक फार्मूला खोजा। फार्मूले के तहत झपटमारी की घटनाओं को पुलिस के कई थानों ने चोरी में दर्ज करना शुरू कर दिया।

ऐसा ही एक हैरतंगेज नमूना हाल ही में रोहिणी जिले के प्रशांत विहार थाने की पुलिस ने पेश कर डाला। दिल्ली राज्य बाल संरक्षण आयोग की सदस्य ज्योति राठी के मामले में। ज्योति राठी को सुबह-सुबह झपटमारों ने लूट लिया। प्रशांत विहार थाने पहुंची तो मामले के जांच अधिकारी सहायक पुलिस उप-निरीक्षक सखाराम ने ज्योति के साथ घटी झपटमारी की घटना को चोरी की धाराओं में दर्ज कर डाला।

हालांकि इस मामले में जब दिल्ली पुलिस की फजीहत हुई तो रोहिणी जिला पुलिस उपायुक्त शंखधर मिश्रा ने आईएएनएस को बताया कि "झपटमारी की एफआईआर को चोरी में मनमर्जी लिख डालने वाले आरोपी सहायक उप-निरीक्षक सखा राम को सस्पेंड कर दिया गया है।"

उल्लेखनीय है कि उत्तरी दिल्ली जिले के ही सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में तीन-चार दिन पहले ही झपटमारों ने सुबह-सुबह प्रधानमंत्री मोदी की भतीजी दमयंती बेन मोदी को ही शिकार बना डाला था। मामला चूंकि प्रधानमंत्री की भतीजी के साथ वारदात का था, लिहाजा उत्तरी जिला पुलिस ने चंद घंटों के भीतर ही दमयंती बेन मोदी झपटमारी मामले का खुलासा कर डाला। माल भी पूरा बरामद हो गया। दोनों आरोपी भी पकड़ लिए गए।

लेकिन, इसी साल अगस्त महीने में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की पत्नी के साथ झपटमारी की घटना को अंजाम देने वालों का दिल्ली पुलिस के पास अभी तक कोई सुराग नहीं है। अपर्णा मेहता से मंडी हाउस के पास स्थित फिक्की ऑडिटोरियम के करीब झपटमारों ने उनके दोनों मोबाइल झपट लिए थे। इस सिलसिले में नई दिल्ली जिला पुलिस ने झपटमारी का मामला दर्ज करके तफ्तीश ठंडे बस्ते में डाल दी।

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