अन्ना हजारे रिटर्न: किसानों और लोकपाल को लेकर अनिश्चिकालिन अनशन, रामलीला मैदान पर जुटेंगे हजारों किसान 

समाजसेवी अन्ना हजारे दिल्ली के रामलीला मैदान में 7 साल बाद फिर अनशन पर बैठ रहे हैं। उनका कहना है कि वो इस बार आंदोलन में जनलोकपाल के साथ देशभर के किसानों की परेशानियों को भी उठाऐंगे।

फोटो: सोशल मीडिया 
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नवजीवन डेस्क

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एक बार फ‍िर दिल्‍ली का रामलीला मैदान पर समाजसेवी अन्ना हजारे ने अपनी मांगों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ महाआंदोलन की शुरुआत कर दी हैं। इससे पहले वे राजघाट स्थित महात्मा गांधी की समाधि स्थल पर गए और वहां पर उन्होंने बापू का नमन किया।

इस दौरन अन्ना हजारे ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “उनके समर्थक दिल्ली कूच ना कर सके इसलिए प्रशासन ने ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि आंदोलन पर बैठने से पहले मैंने कई खत लिखकर कहा कि मुझे किसी तरह के पुलिस की सुरक्षा की आवश्यता नहीं है। सरकार का यह रवैया ठीक नहीं है।”

अन्ना ने सरकार के सामने किसानों के मुद्दे पर अलग-अलग मांगे रखी हैं। उन्होंने कहा कि हजारों की संख्या से देशभर में अलग-अलग राज्यों से आए किसान आंदोलन में शामिल होने पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि वे इस आंदोलन में सिर्फ किसानों की लड़ाई लड़ेंगे।

अन्ना हजारे की मांगें:

  • किसानों के कृषि उपज की लागत के आधार पर डेढ़ गुना ज्‍यादा दाम मिले।
  • कृषि मूल्य आयोग को संवैधानिक दर्जा तथा सम्पूर्ण स्वायत्तता मिले।
  • खेती पर निर्भर 60 साल से ऊपर उम्र वाले किसानों को प्रतिमाह 5 हजार रुपए पेंशन दिया जाए।
  • लोकपाल विधेयक पारित हो और लोकपाल कानून तुरंत लागू किया जाए।
  • लोकपाल कानून को कमजोर करने वाली धारा 44 और धारा 63 का संशोधन तुरंत रद्द हो।
  • हर राज्य में सक्षम लोकायुक्त की नियुक्त किया जाए।

आंदोलन में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं। रामलीला मैदान के चारों तरफ पैरा मिलिट्री और दिल्ली पुलिस तैनात है। हर तरह की संभावनाओं से निपटने के लिए दिल्ली पुलिस ने पूरी तैयारी की है।

अन्ना हजारे के साथ इस बार भी 2011 जैसी ही कार्यकर्ताओं की एक टीम होगी। इस बार की टीम का हर सदस्य वह भविष्य में किसी राजनीतिक गतिविधि में भाग नहीं लेगा, इसका शपथ पत्र दे चुका है। अन्ना हजारे ने यह शपथपत्र अपने कार्यकर्ताओं से इसलिए लिया है, ताकि भविष्य में उनके आंदोलन के सहारे कोई नेता न पैदा हो। उन्होंने कहा कि मंच पर किसी भी राजनीतिक पार्टी को जगह नहीं दी जाएगी।

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Published: 23 Mar 2018, 11:24 AM