ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सामाजिक कार्यकर्ताओं, छात्र नेताओं ने खोला मोर्चा, गांधी जयंती पर विशाल प्रदर्शन का ऐलान
आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा, वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण और आरजेडी सांसद मनोज झा ने निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची के एसआईआर को अंजाम देने के तरीके पर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे नागरिकों के मताधिकारों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

गांधी जयंती पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर विशाल प्रदर्शन
चुनाव आयोग के कामकाज के तरीके के खिलाफ प्रदर्शन
सीईसी ज्ञानेश कुमार पर ‘महाभियोग’ चलाने की मांग
वोटर लिस्ट में सुधार की कथित प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप
सामाजिक कार्यकर्ताओं और छात्र नेताओं के एक समूह ने बुधवार को ऐलान किया कि निर्वाचन आयोग के कामकाज के तरीके के विरुद्ध और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर ‘महाभियोग’ चलाने की मांग को लेकर गांधी जयंती पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर विशाल प्रदर्शन होगा। उन्होंने लोगों से इस प्रदर्शन में हिस्सा लेने की अपील की।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन 2 अक्टूबर को 11 बजे होगा
छात्र नेता और आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा, वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण और आरजेडी के सांसद मनोज झा ने एक प्रेस वार्ता में कहा कि यह प्रदर्शन दो अक्टूबर को पूर्वाह्न 11 बजे होगा। उन्होंने निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची और विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को अंजाम देने के तरीके पर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे नागरिकों के मताधिकारों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
आयोजकों ने पुलिस को प्रदर्शन की जानकारी दी
नेहा बोरा ने कहा कि आयोजकों ने संसद मार्ग थाने को प्रस्तावित सभा, उसमें पहुंचने वाले लोगों की संभावित संख्या, समय और कार्यक्रम आयोजित करने के लिए जिम्मेदार लोगों की जानकारी दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी मुद्दों पर चिंता जताने की कोशिश के दौरान प्रदर्शनकारियों को पहले भी पाबंदियों और हिरासत का सामना करना पड़ा था। आइसा के एक अन्य सदस्य ने कहा कि समूह को अब तक पुलिस से ‘नामंजूरी’ की कोई सूचना नहीं मिली है। बोरा नीट पेपर लीक मामले पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' के आंदोलन के दौरान जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठी थीं।
वोटर लिस्ट में सुधार की प्रक्रिया में कई अनियमितताएं
वकील प्रशांत भूषण ने प्रेस वार्ता में आरोप लगाया कि मतदाता सूची में सुधार की प्रक्रिया के दौरान कई प्रक्रियागत अनियमितताएं हुईं। उन्होंने दावा किया कि मतदाताओं को जोड़ने और हटाने से जुड़े फैसले केंद्रीकृत कर दिए गए हैं। मनोज झा ने कहा कि इस मुद्दे को सिर्फ़ सत्ताधारी पार्टी और विपक्ष के बीच मुकाबले के तौर पर नहीं, बल्कि नागरिकों के अधिकारों से जुड़े मामले के तौर पर देखा जाना चाहिए। वक्ताओं ने निर्वाचन आयोग से ज़्यादा जवाबदेही की भी मांग की और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की अपनी मांग को दोहराया।
‘इंडिया’ गठबंधन भी 2 अक्टूबर से करेगा आंदोलन
यह प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन ऐसे समय में हो रहा है जब दिल्ली में विपक्षी पार्टियों, छात्र संगठनों और नागरिक संस्थाओं के कार्यकर्ताओं की ओर से निर्वाचन आयोग के कामकाज और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर प्रदर्शन किए जा रहे हैं। सीजेपी ने भी इस मुद्दे पर दो अक्टूबर को मुंबई में विरोध-प्रदर्शन करने की घोषणा की थी। प्रदर्शन की अनुमति न मिलने के बाद, अब उसने ‘जेल भरो आंदोलन’ का आह्वान किया है। विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन ने बुधवार को अपने विरोध प्रदर्शन की योजनाओं की घोषणा की। इंडिया गठबंधन दो से आठ अक्टूबर तक सभी जिलों में ‘लोकतंत्र बचाओ’ मार्च निकालेगा।
