सोनम वांगचुक ने संसद चलो मार्च में शामिल होने के लिए मांगी अस्पताल से छुट्टी, जानिए डॉक्टरों ने क्या कहा
सोनम वांगचुक ने संसद चलो मार्च में शामिल होने के लिए सफदरजंग अस्पताल से छुट्टी देने की मांग की है। डॉक्टरों ने उनकी हालत स्थिर बताई है।

सोनम वांगचुक संसद चलो मार्च में शामिल होने के लिए सफदरजंग अस्पताल से छुट्टी चाहते हैं। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को पत्र लिखकर कहा है कि उनकी तबीयत अब बेहतर है और स्वास्थ्य संबंधी सभी पैरामीटर सामान्य हैं, इसलिए उन्हें कुछ समय के लिए अस्पताल से छुट्टी दी जाए ताकि वे संसद चलो मार्च में शामिल हो सकें। दूसरी ओर, डॉक्टरों ने उनकी हालत स्थिर बताते हुए कहा है कि लंबे समय तक भूख हड़ताल पर रहने के कारण उन्हें अभी लगातार चिकित्सकीय निगरानी की जरूरत है।
अस्पताल प्रशासन को लिखा पत्र
सोनम वांगचुक ने अपने पत्र में कहा कि अब वह अच्छा महसूस कर रहे हैं और उनके स्वास्थ्य संबंधी सभी पैरामीटर सामान्य हैं। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से अनुरोध किया कि उन्हें कुछ समय के लिए छुट्टी दी जाए, ताकि वे संसद चलो मार्च में हिस्सा ले सकें। उन्होंने पत्र में अस्पताल प्रशासन का आभार भी जताया।
डॉक्टरों ने क्या कहा?
सफदरजंग अस्पताल के मेडिसिन विभाग की प्रमुख डॉ. प्रो. मनीषा बैस ठाकुर ने बताया कि सोनम वांगचुक पिछले दो दिनों से अस्पताल की निगरानी में हैं। सोमवार सुबह हुई जांच में उनकी हालत पूरी तरह स्थिर पाई गई और सभी ब्लड टेस्ट सामान्य आए हैं। हालांकि, लंबे समय तक भूख हड़ताल पर रहने के कारण भविष्य में स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें हो सकती हैं। इसी वजह से उनकी लगातार निगरानी जरूरी है।
उन्होंने बताया कि वांगचुक के इलाज के लिए एक विशेष मेडिकल टीम बनाई गई है, जिसमें एम्स के डॉक्टर भी शामिल हैं। सभी विशेषज्ञों की राय है कि फिलहाल उन्हें सतत स्वास्थ्य निगरानी में रखा जाना चाहिए।
एम्स के डॉक्टर ने भी दी स्वास्थ्य की जानकारी
एम्स के इमरजेंसी मेडिसिन विभाग के एडिशनल प्रोफेसर डॉ. अक्षय कुमार ने कहा कि पिछले दो दिनों से वांगचुक की लगातार निगरानी की जा रही है। उनके सभी स्वास्थ्य पैरामीटर सामान्य सीमा में हैं। फिर भी, लंबे उपवास के कारण नियमित रूप से ब्लड पैरामीटर, हीमोग्लोबिन और अन्य जांच करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की टीम आगे भी उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखेगी।
तीन हफ्ते से भूख हड़ताल पर वांगचुक
सोनम वांगचुक पिछले तीन सप्ताह से भूख हड़ताल पर हैं। 18 जुलाई को दिल्ली पुलिस उन्हें जबरदस्ती इलाज के लिए सफदरजंग अस्पताल लेकर गई। उनके स्वास्थ्य को लेकर समर्थकों ने चिंता भी जताई थी।
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