महाराष्ट्र में खाने की गुणवत्ता पर पूरे साल के लिए एसओपी, अब तक 900 से ज्यादा लाइसेंस रद्द, स्कूलों पर भी एक्शन
तुकाराम मुंढे ने कहा कि महाराष्ट्र में इसे हर साल देखने के बजाय, हमने त्योहारों के मौसम को कवर करते हुए पूरे साल के लिए एक एसओपी जारी किया है। इसमें हर धर्म और हर इलाके के त्योहार शामिल हैं। यह त्योहारों के लिए एक स्टैंडिंग ऑर्डर है।

महाराष्ट्र में अब हर त्योहार पर खाने-पीने की चीजों की गुणवत्ता पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने जानकारी दी है कि इस संबंध में खास कदम उठाते हुए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) जारी किया गया है। गणेश उत्सव से लेकर स्कूलों में संतुलित आहार और दवाओं की गुणवत्ता तक, विभाग ने सख्त रुख अपनाया और अब तक नियमों का उल्लंघन करने पर 900 से ज्यादा लाइसेंस सस्पेंड किए जा चुके हैं।
पूरे साल के लिए एक एसओपी जारी
खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने कहा, "महाराष्ट्र में इसे हर साल देखने के बजाय, हमने त्योहारों के मौसम को कवर करते हुए पूरे साल के लिए एक परमानेंट स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) जारी किया है। इसमें हर धर्म और हर इलाके के त्योहार शामिल हैं। यह त्योहारों के लिए एक स्टैंडिंग ऑर्डर है, इसलिए पूरा प्रोसेस त्योहार से 21 दिन पहले से लेकर त्योहार के 30 दिन बाद तक किया जाएगा।"
खाद्य व्यवसाय के ऑपरेटरों पर भी नजर
उन्होंने आगे बताया कि त्योहारों के मौसम में काम करने वाले खाद्य व्यवसाय के ऑपरेटरों को लेकर कार्रवाई करने की जिम्मेदारी हमारे ऑफिस की होगी। जहां तक अभी चल रहे गणेश उत्सव की बात है, हमने कहा था कि आयोजक या खाना देने वाले लोग हमें वहां काम कर रहे खाद्य व्यवसाय के ऑपरेटरों के बारे में बताएं कि वे ठीक से काम कर रहे हैं या नहीं।
मुंढे ने कहा कि हम स्कूलों में कार्रवाई कर रहे हैं। आपने देखा होगा कि कुछ दिन पहले एफडीए महाराष्ट्र ने स्कूलों में संतुलित आहार लागू करने के बारे में एक आदेश जारी किया था। हमने सबसे पहले एक रणनीति तय की और स्कूल शिक्षा विभाग के सभी अधिकारियों के साथ बैठक की। स्थानीय निकाय के तहत आने वाले स्कूलों को मिलाकर लगभग 1.08 लाख स्कूल हैं। अब तक, हमने लगभग 68,000 स्कूलों को ट्रेनिंग दी है, और बाकी स्कूलों के लिए भी काम आगे बढ़ रहा है।
अब तक 900 से ज्यादा लाइसेंस सस्पेंड
उन्होंने आगे कहा कि अब तक 900 से ज्यादा लाइसेंस सस्पेंड किए जा चुके हैं, चाहे वे फार्मेसी, मैन्युफैक्चरर, ब्लड सेंटर या कॉस्मेटिक सेक्टर की दूसरी जगहों के हों। जहां भी जरूरी हुआ, हमने कार्रवाई की और काफी हद तक मैन्युफैक्चरर के लाइसेंस भी रद्द किए गए हैं। कुछ मामलों में, कार्रवाई किसी खास प्रोडक्ट के खिलाफ हुई है, जबकि कुछ में यह कंपनियों के खिलाफ हुई है।
मुंढे ने कहा कि ड्रग सेक्टर भी खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अंदर आता है। इसलिए, हम फार्मेसी, मैन्युफैक्चरर, होलसेलर और डीलर पर कड़ी नजर रखते हैं। हम सैंपलिंग भी करते हैं और अगर कोई लाइसेंसिंग शर्तों का उल्लंघन होता है, तो हम उनके खिलाफ कार्रवाई करते हैं। ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के नियमों को लागू करना हमारी जिम्मेदारी और भूमिका है।
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