सरकार के दावों पर श्रीनगर के मेयर बोले- सड़कों पर लाशें न होने का मतलब ये नहीं कि कश्मीर में सब कुछ ठीक है
श्रीनगर के मेयर ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि मुमकिन है कि कश्मीर की सड़कों पर किसी का शव नहीं मिला, लेकिन इससे इस बात का निष्कर्ष निकालना कि घाटी में हालात सामान्य हैं, यह बिल्कुल भी सही नहीं है।

जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटे हुए लगभग एक महीना पूरा होने वाला है। ऐसे में राज्य के अंदर कैसे हालात है किसी को पता नहीं है। जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक और आलाधिकारियों के प्रेस कांफ्रेंस के अनुसार वहां के हालात सामान्य है। लेकिन श्रीनगर के मेयर जुनैद अजीम मट्टू ने सत्यपाल मलिक और आलाधिकारियों के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा, “बेशक कश्मीर की सड़कों पर लाशें नजर ना आ रही हो और मगर इसका यह मतलब नहीं कि सबकुछ पटरी पर लौट रहा है। ऐसा सोचना बहुत अवास्तविक होगा।”
जुनैद अजीम मट्टू ने एनडीटीवी से बातचीत के दौरान कहा, “धारा 370 को हटाने के बाद लोगों की भावनाओं को शांत रखने का मतलब यह नहीं है कि स्थिति सामान्य है। जम्मू कश्मीर में सरकार ने जिस तरह का कदम उठाया है वह बिल्कुल सही नहीं है। घाटी से विशेष राज्य का दर्जा वापस लिए जाने की वजह से लोगों को खुद की पहचान के संकट से गुजरना पड़ रहा है। हम हमेशा से ही हिंसक माहौल में जीने के लिए मजबूर रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि राज्य में कई ऐसे परिवार है जो ऐसे हालात में अपने लोगों से बात भी नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने मोदी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यधारा के नेताओं को बंधक बनाए जाना कही से भी सही फैसला नहीं है। उन्होंने कहा, “सालों तक कश्मीर के राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने मुख्यधारा में बचे रहने के लिए आतंकियों की धमकी और हिंसा का बहादुरी से सामना किया। मगर आज उनका शिकार किया जा रहा है।”
Google न्यूज़, व्हाट्सएप, नवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें
प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia
Published: 03 Sep 2019, 5:59 PM
