दिल्ली से गिरफ्तार ISIS के ‘आतंकी’ की कहानी, पत्नी, पिता और भाई की जुबानी, खुले कई बड़े राज

संदिग्ध आतंकी यूसुफ की पत्नी ने कहा कि लगभग दो साल से थोड़ा-थोड़ा कर के सामान (बारूद) लाते थे और एक खाली बक्से में रखते थे। मैं नहीं जानती कि इसकी ट्रेनिंग उन्होंने मोबाइल से ली या किसी और से और वो ये किसके लिए कर रहे थे।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

दिल्ली के धौलाकुआं से गिरफ्तार ISIS संदिग्ध आतंकी अबू यूसुफ के परिजन बार बार माफी मांग रहे हैं। लेकिन इस दौरान उसकी पत्नी, पिता और भाई के कई राज भी खोले हैं।

अबू यूसुफ की पत्नी ने कहा कि लगभग दो साल से थोड़ा-थोड़ा कर के सामान (बारूद) लाते थे और एक खाली बक्से में रखते थे। मैं नहीं जानती कि इसकी ट्रेनिंग उन्होंने मोबाइल से ली या किसी और से और वो ये किसके लिए कर रहे थे। उनको बाबरी मस्जिद से कोई लगाव नहीं था। उन्होंने आगे कहा कि वो मेरे ऊपर सख्ती कर रहे थे कि किसी को मत बताना। मुझे बहुत अफसोस है। मेरे चार बच्चे हैं, मैं बच्चों को लेकर कहां जाऊंगी। इस बार उनकी गलती को माफ कर दिया जाए।


अबु युसुफ के पिता ने कहा कि मैंने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट थाने में लिखवाई थी। मुझे कुछ पता नहीं था वरना उसको रोकता, घर से निकाल देता। अब तो जो भी करेगी पुलिस करेगी। मैं चाहता हूं कि एक मर्तबा उसे माफी दे दें और वो दोबारा करे तो कुछ भी कर दीजिएगा।

उन्होंने आगे कहा, “अबु युसुफ की रीढ़ की हड्डी खिसकी हुई है जिसका 2साल से लखनऊ में इलाज चल रहा है। वो शुक्रवार को लखनऊ अपने मामा के बेटे की किडनी के इलाज के लिए गया था। उसने अपनी बहन को इतलाह किया कि वो उसके घर पर रुकेगा पर वहां पहुंचा नहीं और उसका फोन बंद आने लगा।”

अबु युसुफ का भाई आकिब ने कहा, “मुझे ISIS के झंडे की पहचान नहीं है पर रात को झंडा देखा। काले रंग के झंडे पर सफेद रंग से अरबी में 'अल्लाह हू अकबर ला इलाहा इल्लल्लाह मुहम्मदुन रसूलुल्लाह' लिखा था। वो सऊदी और अन्य जगहों पर रहे थे।”

बता दें कि उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंकवाद-रोधी दस्ते (एटीएस) और दिल्ली पुलिस की टीमों ने शनिवार को यूसुफ से पूछताछ की। इस आतंकी को नई दिल्ली के धौला कुआं इलाके से शुक्रवार रात को संक्षिप्त गोलीबारी के बाद गिरफ्तार किया गया था। आतंकी एक बड़े आतंकवादी हमले की योजना बना रहा था और उसने खुलासा किया कि अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का प्रतिशोध लेने के लिए हमले को अंजाम दिया जाना था।

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