आसाराम को 'सुप्रीम' झटका, पैरोल बढ़ाने से कोर्ट का इनकार, आज शाम 5 बजे तक जेल में करना होगा सरेंडर
सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम की मेडिकल आधार पर पैरोल बढ़ाने की मांग खारिज कर दी है। अदालत ने कहा कि मंगलवार शाम 5 बजे तक आसाराम को जेल में सरेंडर करना होगा।

सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम की मेडिकल आधार पर पैरोल बढ़ाने की मांग खारिज कर दी।
आसाराम को मंगलवार शाम 5 बजे तक जेल में सरेंडर करना होगा।
अदालत ने राजस्थान सरकार को आसाराम की सेहत का ध्यान रखने का निर्देश दिया।
आसाराम राजस्थान और गुजरात में नाबालिगों से जुड़े अलग-अलग मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहा है।
नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम को दोबारा जेल लौटना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार, 27 अक्टूबर को उसकी पैरोल बढ़ाने की मांग खारिज कर दी। पिछले 20 दिनों से पैरोल पर बाहर चल रहे आसाराम की पैरोल मंगलवार को समाप्त हो रही है। अदालत के आदेश के मुताबिक, उसे शाम 5 बजे तक जेल में सरेंडर करना होगा।
आसाराम ने मेडिकल आधार पर पैरोल की अवधि बढ़ाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। सुनवाई के दौरान उसके वकील ने बताया कि आसाराम मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित अस्पताल में भर्ती है। इसी आधार पर पैरोल बढ़ाने की मांग की गई थी, लेकिन अदालत ने इसे स्वीकार नहीं किया। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार को निर्देश दिया कि वह आसाराम की सेहत का ध्यान रखे।
राजस्थान हाईकोर्ट ने दी थी 20 दिन की पैरोल
इससे पहले राजस्थान हाईकोर्ट ने 3 अगस्त को आसाराम को 20 दिन की पैरोल देने का आदेश दिया था। एक अन्य मामले के कारण उसकी रिहाई में अड़चन आने के बाद हाईकोर्ट ने 6 अक्टूबर को राज्य सरकार को अपने पहले के आदेश का पालन करने और उसे पैरोल पर रिहा करने का निर्देश दिया था। अदालत ने सरकार से इस आदेश के अनुपालन की रिपोर्ट भी मांगी थी।
इसके बाद आसाराम को 20 दिन की पैरोल पर जेल से रिहा किया गया। पैरोल के दौरान वह मध्य प्रदेश के उज्जैन पहुंचा, जहां सीने में दर्द की शिकायत के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। अब सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद उसे तय समय तक जेल में सरेंडर करना होगा।
राजस्थान और गुजरात में उम्रकैद की सजा
आसाराम को 2018 में जोधपुर की विशेष पॉक्सो अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न के मामले में दोषी ठहराया था। अदालत ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी। तब से वह इस मामले में सजा काट रहा है। बीच-बीच में उसे इलाज के लिए अस्पताल जाने की अनुमति मिलती रही है।
इसके अलावा, जनवरी 2023 में गांधीनगर की एक अदालत ने सूरत की दो बहनों से जुड़े एक अलग यौन उत्पीड़न मामले में भी आसाराम को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इस तरह वह दो अलग-अलग मामलों में दोषसिद्धि के बाद उम्रकैद की सजा काट रहा है।
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