महाराष्ट्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, अदालत ने कहा- आरे में तुरंत बंद हो पेड़ों की कटाई

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पेड़ों की कटाई अगर गलत है तो गलत है, चाहे एक प्रतिशत ही क्यों ना हो। कोर्ट ने इस दौरान महाराष्ट्र सरकार से हलफनामा मांगा और मौजूदा स्थिति की जानकारी मांगी है। साथ ही कोर्ट ने उन कार्यकर्ताओं को तुरंत रिहा करने के लिए कहा है।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

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आरे कॉलोनी पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि फिलहाल आरे में कोई पेड़ नहीं काटा जाएगा और यथास्थिति बनाए रखी जाए। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि वह इस मामले को पहले चेक करेगा और फिर कुछ टिप्पणी करेगा। कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि बताएं अपने अब तक कितने पेड़ काटे हैं। इसके साथ ही कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 21 अक्टूबर तक के लिए तय कर दी है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पेड़ों की कटाई अगर गलत है तो गलत है, चाहे एक प्रतिशत ही क्यों ना हो। कोर्ट ने इस दौरान महाराष्ट्र सरकार से हलफनामा मांगा और मौजूदा स्थिति की जानकारी मांगी है। साथ ही कोर्ट ने उन कार्यकर्ताओं को तुरंत रिहा करने के लिए कहा, जिन्हें विरोध करने पर गिफ्तार किया गया था। सुप्रीम कोर्ट आरे कॉलोनी के संवेदनशील क्षेत्र होने पर फैसला करेगा।


राजीव रंजन नाम के सामाजिक कार्यकर्ता ने पेड़ों की कटाई के विरोध में प्रधान न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई को पत्र भेजा था। शीर्ष अदालत ने उस पत्र को ही जनहित याचिका के रूप में बदलते हुए उस पर सुनवाई करने का फैसला किया और उसी के आधार पर विशेष पीठ गठित की।

गौरतलब है कि बॉम्बे हाई कोर्ट ने पेड़ों की कटाई को रोकने के लिए दायर चार याचिकाओं को शुक्रवार को खारिज कर दिया था। हाई कोर्ट ने शनिवार को भी पेड़ों की कटाई पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। हाई कोर्ट के फैसले के तुरंत बाद आरे कॉलोनी में आधी रात में ही पेड़ों की कटाई शुरू हो गई थी। पर्यावरण प्रेमी और सामाजिक कार्यकर्ता पेड़ों की कटाई का विरोध कर रहे हैं।


इस बीच मुंबई की एक अदालत ने रविवार को पेड़ काटे जाने का विरोध कर रहे 29 प्रदर्शनकारियों को जमानत दे दी। प्रदर्शनकारियों को सार्वजनिक व्यवस्था में गड़बड़ी करने और सरकारी अधिकारियों को उनके कर्तव्यों का पालन करने में बाधा डालने के लिए गिरफ्तार किया गया था। डिंडोशी हॉलिडे कोर्ट ने 7 हजार रुपये के नकद बांड पर सशर्त जमानत दी है। कोर्ट ने कहा है कि उन्हें आगे की पूछताछ के लिए थाने जाना होगा। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आईपीसी की कई धाराएं लगाई हैं।

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Published: 07 Oct 2019, 11:43 AM